Ganga Maha Aarti Patna: अगर बात बनारस की हो और गंगा घाट पर महाआरती का जिक्र ना हो, तो वह अधूरी सी लगती है. बिहार और दूसरे राज्यों से लोग हर साल बनारस की भव्य गंगा आरती देखने के लिए वहां पहुंचते हैं.
अब बिहार में भी इस तरह का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा. यहां गंगा घाटों पर महाआरती का आयोजन किया जाएगा, और इसे बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम (बीएसटीडीसी) आयोजित करेगा.
पटना के किन घाटों पर होगी महाआरती?
जानकारी के मुताबिक, पहले चरण में पटना के दो प्रमुख गंगा घाटों पर महाआरती का आयोजन किया जाएगा. पटनासिटी स्थित मित्तन घाट और दीघा स्थित पर्यटन घाट को चुना गया है. इन घाटों पर गंगा महाआरती की व्यवस्था के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है, और उद्यमियों से प्रस्ताव भी मांगे गए हैं.
कौन-कौन सी जगहों पर महाआरती की योजना है?
इन घाटों पर महाआरती की तैयारियों के लिए टेंडर भरने वालों को एक लाख रुपये की सुरक्षित राशि जमा करनी होगी. साथ ही घाट की सजावट, पूजा सामग्री, ब्राह्मणों की व्यवस्था, साउंड सिस्टम जैसी अन्य चीज़ों का इंतजाम भी करना होगा. सभी प्रस्ताव मिलने के बाद सारी योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा. इसके बाद पटना में गंगा महाआरती की शुरुआत होगी, और फिर अन्य जिलों जैसे भागलपुर और बक्सर में भी गंगा घाटों पर महाआरती आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है.
महाआरती का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों की श्रद्धा को मान देना है, साथ ही बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देना है. इसके जरिए गंगा की पवित्रता और स्वच्छता के बारे में जागरूकता फैलाने का भी प्रयास किया जाएगा. जानकारी के अनुसार, पटना के बख्तियारपुर स्थित सीढ़ी घाट पर भी गंगा महाआरती की शुरुआत हो चुकी है. इसके अलावा, सुल्तानगंज और हाजीपुर में भी ऐसे आयोजन हो रहे हैं. इस तरह, अब बिहार के कई गंगा घाटों पर महाआरती का आयोजन होने से यहां के धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल को और भी समृद्ध बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है.
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