उस्मान हादी के समर्थकों का यूनुस सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम, बांग्लादेश में कुछ बड़ा होने वाला है?

बांग्लादेश में राजनीतिक तनाव और हिंसा एक बार फिर बढ़ गई है. छात्र नेता और इंकलाब मंच के प्रमुख, उस्मान हादी की हत्या के बाद उनके समर्थकों ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है.

Bangladesh Osman Hadi supporters gave a 24-hour ultimatum to the Yunus government
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ढाका: बांग्लादेश में राजनीतिक तनाव और हिंसा एक बार फिर बढ़ गई है. छात्र नेता और इंकलाब मंच के प्रमुख, उस्मान हादी की हत्या के बाद उनके समर्थकों ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. यह धमकी हादी के समर्थकों की तरफ से दी गई है, जिसमें उन्हें कहा गया है कि अगर हादी के हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तो देश भर में बड़े विरोध प्रदर्शन होंगे. इस बीच, हादी का अंतिम संस्कार ढाका में किया गया, जिसमें लाखों लोग शामिल हुए.

हादी की हत्या के बाद उग्र आंदोलन की चेतावनी

12 दिसंबर को बांग्लादेश के छात्र नेता और इंकलाब मंच के प्रवक्ता, उस्मान हादी को चुनाव प्रचार के दौरान गोलियों का सामना करना पड़ा था. सिंगापुर में इलाज के दौरान 18 दिसंबर को हादी की मौत हो गई, जिसके बाद बांग्लादेश में हिंसा भड़क उठी. शनिवार को ढाका विश्वविद्यालय परिसर में उनका अंतिम संस्कार हुआ, जिसमें लाखों लोगों ने शोक व्यक्त किया. इसी दौरान इंकलाब मंच के नेताओं ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया. उनका कहना है कि अगर हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होती, तो वे बड़े प्रदर्शन और चक्का जाम की योजना बनाएंगे.

हादी का अंतिम संस्कार और सरकारी नेताओं की श्रद्धांजलि

हादी का अंतिम संस्कार ढाका विश्वविद्यालय परिसर में हुआ, जहां उनकी नमाज-ए-जनाजा भी अदा की गई. इस अवसर पर अंतरिम सरकार के सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने हादी को भावुक श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि हादी हमेशा बांग्लादेश के दिलों में जीवित रहेंगे और उनकी सीख से राजनीतिक संस्कृति को नई दिशा मिलेगी. यूनुस ने यह भी घोषणा की कि सरकार हादी के परिवार की देखभाल करेगी और उन्हें हर संभव मदद मुहैया कराएगी.

हादी की पहचान और उनका संघर्ष

उस्मान हादी की पहचान बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ हुए छात्र आंदोलन में उनके प्रमुख नेता के रूप में बनी थी. पिछले साल जुलाई में शेख हसीना के खिलाफ चलाए गए आंदोलन में हादी की अहम भूमिका थी. 12 दिसंबर को चुनाव प्रचार के दौरान नकाबपोश हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई. उनकी हत्या ने बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल को और बढ़ा दिया, और हिंसा ने देश भर में व्यापक रूप ले लिया.

राजनीतिक और सुरक्षा संकट

हादी की हत्या के बाद राजनीतिक संघर्ष और हिंसा का दौर जारी है. पूर्व मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी ने आरोप लगाया है कि यूनुस सरकार जानबूझकर हिंसा भड़का रही है ताकि चुनाव को टाला जा सके. वहीं, यूनुस ने हिंसा की निंदा की और हत्यारों को सजा दिलाने का वादा किया. बांग्लादेश में अब सुरक्षा बलों को अलर्ट कर दिया गया है और प्रशासन अगले कुछ दिनों में स्थिति पर कड़ी निगरानी रखेगा.

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