सियोल: अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ता दिख रहा है. हाल ही में उत्तर कोरिया द्वारा क्रूज मिसाइल परीक्षण किए जाने के बाद, अमेरिका ने अपनी सैन्य उपस्थिति मजबूत करने के संकेत दिए हैं. अमेरिकी विमानवाहक पोत USS Carl Vinson रविवार को दक्षिण कोरिया के बुसान पोर्ट पर पहुंचा, जो अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच रणनीतिक सहयोग को दर्शाता है. यह तैनाती उत्तर कोरिया की बढ़ती आक्रामकता के जवाब में की गई है और वाशिंगटन-प्योंगयांग के बीच बढ़ते तनाव को और हवा दे सकती है.
क्या चाहते हैं किम जोंग उन?
उत्तर कोरिया ने 23 फरवरी को क्रूज मिसाइलों का परीक्षण किया, जिसे उसकी सैन्य क्षमताओं के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है. किम जोंग उन ने भी अपनी परमाणु शक्ति को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं. अमेरिकी विमानवाहक पोत की तैनाती के बाद अब यह देखना अहम होगा कि उत्तर कोरिया किस तरह से प्रतिक्रिया देता है.
ऐतिहासिक रूप से, जब भी अमेरिका ने कोरियाई प्रायद्वीप में अपनी नौसेना शक्ति का प्रदर्शन किया है, प्योंगयांग ने आक्रामक कदम उठाए हैं. जब USS Theodore Roosevelt इस क्षेत्र में आया था, तब उत्तर कोरिया ने मिसाइल दागकर विरोध जताया था. ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार भी किम जोंग उन कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं.
अमेरिका का बदलता रवैया
डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी में दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति पद संभालने के बाद किम जोंग उन को "स्मार्ट गाय" कहा और बातचीत की संभावना जताई थी. हालांकि, अब उनकी सरकार उत्तर कोरिया के खिलाफ सख्त रुख अपना रही है.
ट्रंप की विदेश नीति में अमेरिका की सैन्य मौजूदगी के आर्थिक पहलू पर भी ज़ोर दिया जा रहा है. अक्टूबर 2024 में उन्होंने दक्षिण कोरिया से अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के बदले अधिक भुगतान करने की मांग की थी. उन्होंने कहा था, "दक्षिण कोरिया एक मनी मशीन है. अब उन्हें हर साल 10 बिलियन डॉलर देने होंगे."
दक्षिण कोरिया की स्थिति
दक्षिण कोरिया के लिए यह तनावपूर्ण समय है. अमेरिका के लगभग 28,500 सैनिक दक्षिण कोरिया में तैनात हैं, और सियोल की सुरक्षा अमेरिकी "न्यूक्लियर अंब्रेला" पर निर्भर करती है. लेकिन ट्रंप प्रशासन की नीतियों को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं.
सियोल के अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ डैन पिंकस्टन के अनुसार, "दक्षिण कोरिया फिलहाल सावधानी से आगे बढ़ रहा है. वे नहीं चाहते कि अमेरिका का ध्यान उत्तर कोरिया पर ज्यादा जाए." सियोल चाहता है कि ट्रंप प्रशासन अपनी प्राथमिकताएं कनाडा, मैक्सिको और चीन जैसे देशों पर केंद्रित रखे ताकि कोरियाई प्रायद्वीप में स्थिति और ना बिगड़े.
क्या होगा आगे?
उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया: अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी के जवाब में उत्तर कोरिया मिसाइल परीक्षण या सैन्य गतिविधियों को बढ़ा सकता है.
अमेरिका-दक्षिण कोरिया सहयोग: यह साझेदारी सैन्य अभ्यास और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए और मजबूत की जा सकती है.
डिप्लोमैटिक डायलॉग: यदि तनाव और बढ़ता है, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए कूटनीतिक प्रयास किए जा सकते हैं.
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