ढाका/नई दिल्ली: बांग्लादेश में जारी हिंसक घटनाओं और बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच भारत के लिए एक अहम राहत भरी खबर सामने आई है. बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान ने भारतीय सेना प्रमुख से सीधे संपर्क कर यह भरोसा दिलाया है कि देश में स्थित सभी भारतीय संपत्तियां पूरी तरह सुरक्षित हैं.
सीएनएन न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और बांग्लादेश की सेनाओं के शीर्ष अधिकारी लगातार संपर्क में हैं और जमीनी हालात पर नियमित तौर पर जानकारी साझा की जा रही है. यह संवाद ऐसे समय में हो रहा है, जब ढाका समेत कई शहरों में हिंसा और अराजकता का माहौल बना हुआ है.
भारत-बांग्लादेश सैन्य नेतृत्व के बीच सीधा संवाद
सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के सेना प्रमुखों के बीच सीधा संवाद इस बात का संकेत है कि हालात कितने संवेदनशील हैं. बांग्लादेश के सेना प्रमुख ने भारतीय समकक्ष को आश्वस्त किया कि बढ़ते तनाव के बावजूद सुरक्षा बल स्थिति पर नियंत्रण बनाए हुए हैं और किसी भी विदेशी मिशन या संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा.
भारत के लिए यह संपर्क इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बांग्लादेश में हालिया घटनाओं के दौरान कुछ समूहों द्वारा भारतीय प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिशों की खबरें सामने आई थीं.
उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा
बांग्लादेश में हालात उस वक्त और बिगड़ गए जब कट्टर भारत-विरोधी नेता शरीफ उस्मान हादी की सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. हादी को करीब एक हफ्ते पहले ढाका में चुनावी अभियान के दौरान नकाबपोश हमलावरों ने गोली मार दी थी.
उनकी मौत की खबर फैलते ही देश के कई हिस्सों में उग्र प्रदर्शन शुरू हो गए. प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर तोड़फोड़ की और कई जगहों पर हिंसक झड़पें हुईं.
मीडिया और सांस्कृतिक संगठनों पर हमले
हिंसा के दौरान राजधानी ढाका में देश के प्रमुख अखबारों ‘प्रोथोम आलो’ और ‘द डेली स्टार’ के कार्यालयों को निशाना बनाया गया. दोनों मीडिया संस्थानों के दफ्तरों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं.
इसके अलावा वामपंथी सांस्कृतिक संगठन उदिची शिल्पीगोष्ठी के कार्यालय में भी भारी नुकसान पहुंचाया गया. इन हमलों ने बांग्लादेश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
भारतीय उच्चायोग और अधिकारियों को भी धमकियां
हिंसा के बीच कुछ कट्टरपंथी समूहों द्वारा भारतीय उच्चायोग को निशाना बनाने की कोशिश की खबरें भी सामने आई हैं. इसके साथ ही भारतीय अधिकारियों पर हमले की कोशिशों की सूचनाओं ने नई दिल्ली की चिंता बढ़ा दी है.
भारत ने इन घटनाओं को बेहद गंभीरता से लिया है और सुरक्षा को लेकर बांग्लादेश सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है.
अल्पसंख्यकों पर हमलों को लेकर भारत की चिंता
भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदू समुदाय पर हो रहे हमलों को लेकर भी कड़ी चिंता जताई है. हाल ही में एक घटना में कट्टरपंथी भीड़ द्वारा एक हिंदू युवक की हत्या किए जाने की खबर सामने आई, जिसने दोनों देशों के संबंधों को और संवेदनशील बना दिया.
इन घटनाओं को लेकर भारत ने कूटनीतिक स्तर पर सख्त रुख अपनाया है.
बांग्लादेश के उच्चायुक्त को तलब कर जताई आपत्ति
इसी सप्ताह नई दिल्ली ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त मोहम्मद रियाज़ हमीदुल्लाह को तलब किया. बैठक के दौरान भारत ने भारतीय उच्चायोग, अन्य भारतीय प्रतिष्ठानों और नागरिकों को मिल रही धमकियों तथा भारत-विरोधी बयानों पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई.
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत बांग्लादेश में शांति और स्थिरता का समर्थन करता है, लेकिन अपने राजनयिक मिशनों और नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता.
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