250 रुपये में मामूली दुख, 500 में बड़ा दुख... शख्स ने शुरू किया अनोखा बिजनेस, जानकर पकड़ लेंगे माथा

Ajab Gazab: सोशल मीडिया पर एक अजीबोगरीब वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति खुले आम पैसे लेकर लोगों के दुख सुनने का दावा करता है.

Ajab Gazab Man charges for listening problem sunne ke paise lene wala
Image Source: Social Media

Ajab Gazab: सोशल मीडिया पर एक अजीबोगरीब वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति खुले आम पैसे लेकर लोगों के दुख सुनने का दावा करता है. ये वीडियो मुंबई के समुद्र तट का है, जहां पृथ्वीराज बोहरा नामक एक व्यक्ति एक बैनर के साथ खड़ा है, जिसमें उसने दुख सुनने के लिए चार्ज तय कर रखे हैं. यह वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है, और अब सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर यह तेजी से फैल रहा है.

पृथ्वीराज बोहरा का "दुख सुनने" का कारोबार

पृथ्वीराज ने अपने बैनर पर एक मजेदार रेट कार्ड लगाया है. इसके अनुसार, मामूली दुख सुनने का चार्ज ₹250, बड़े दुख सुनने का ₹500 और साथ में रोने का ₹1000 तय किया गया है. यह सुनकर लोग हैरान रह गए हैं, क्योंकि ऐसा पहले कभी नहीं सुना गया. इस अनोखे बिजनेस आईडिया को लेकर एक शख्स ने पूछा भी, "क्या सच में लोग आते हैं?" तो पृथ्वीराज ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "बहुत लोग आते हैं."

बैनर में दिए गए संपर्क विवरण और समय

पृथ्वीराज ने बैनर में यह भी बताया कि वह सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक उपलब्ध रहते हैं. उन्होंने अपने मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी भी दी है, ताकि लोग आसानी से उनसे संपर्क कर सकें. यह विवरण उनके एक व्यावसायिक मॉडल को और मजबूत करता है, जिसे उन्होंने पूरी पारदर्शिता से साझा किया है.

एक्टर और हास्य कलाकार की पहचान

इस वीडियो में पृथ्वीराज ने यह भी दावा किया है कि वह साइकॉलजी और फिलॉसफी के विशेषज्ञ हैं और किसी के जीवन के संकट को हल कर सकते हैं. इंस्टाग्राम पर उनकी प्रोफाइल के अनुसार, वह एक अभिनेता और हास्य कलाकार हैं, साथ ही खुद को एक स्टेज आर्टिस्ट भी बताते हैं. हालांकि, यह भी कहा जा सकता है कि यह एक मजाक हो सकता है, क्योंकि इस तरह के व्यवहार को "अनोखा" या "रचनात्मक" माना जा सकता है.

सोशल मीडिया पर वायरल होने की वजह

यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, और लोग इसे अलग-अलग प्लेटफार्मों पर शेयर कर रहे हैं. कुछ लोग इस अनोखे बिजनेस आइडिया की तारीफ कर रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति साइकॉलजिस्ट या फिलॉसफर बनने का दावा करता है, तो उसके पास डिग्रियां और प्रशिक्षण होना जरूरी है. एक यूज़र ने मजाक करते हुए कहा कि पृथ्वीराज ने समुद्र तट पर "सबसे बड़ा व्यावसायिक मॉडल" बना दिया है.

ये भी पढ़ें: अजब-गजब! 24 मिनट के लिए ‘मर’ गई महिला, जिंदा होकर जो बताया, जानकर पैरों तले खिसक जाएगी जमीन