अग्नि-5 का सफल परीक्षण देखने के बाद शहबाज-मुनीर के छूटे पसीने! भारत की बैलिस्टिक मिसाइल ड्रैगन के लिए भी खतरा...

भारत द्वारा अत्याधुनिक बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि-5’ के सफल परीक्षण ने दक्षिण एशिया की रणनीतिक गणनाओं में हलचल पैदा कर दी है. इस मिसाइल की परीक्षण सफलता को जहां भारत अपनी रक्षा क्षमता में बड़ी उपलब्धि मान रहा है, वहीं पाकिस्तान ने इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है.

Agni 5 Ballistic Missile Tested Pakistan is in fear after india tested
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भारत द्वारा अत्याधुनिक बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि-5’ के सफल परीक्षण ने दक्षिण एशिया की रणनीतिक गणनाओं में हलचल पैदा कर दी है. इस मिसाइल की परीक्षण सफलता को जहां भारत अपनी रक्षा क्षमता में बड़ी उपलब्धि मान रहा है, वहीं पाकिस्तान ने इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है.


पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता शफकत अली खान ने शुक्रवार को अपनी नियमित प्रेस वार्ता में भारत के मिसाइल परीक्षण की आलोचना की. उन्होंने कहा अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण भारत की बढ़ती सैन्य महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है, जो न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी खतरा बन सकता है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत जिस गति से अपनी सैन्य क्षमताओं को बढ़ा रहा है, उस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय आंखें मूंदे बैठा है.

भारत के हथियार खरीदने पर भी सवाल

प्रवक्ता ने यह भी कहा कि भारत द्वारा लगातार हथियार खरीदने की प्रवृत्ति चिंता जनक है. यह सिलसिला केवल पाकिस्तान की सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए खतरनाक हो सकता है," उन्होंने कहा. पाकिस्तान का कहना है कि वह इस मुद्दे को अपने रणनीतिक साझेदारों और वैश्विक मंचों पर लगातार उठाता आ रहा है.

अग्नि-5: क्यों चिंतित है पाकिस्तान?

भारत की यह मिसाइल केवल एक परीक्षण नहीं, बल्कि रणनीतिक ताकत का प्रदर्शन है. रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ‘अग्नि-5’ का सफल परीक्षण 20 अगस्त को ओडिशा के चांदीपुर स्थित परीक्षण रेंज से किया गया. यह मिसाइल सभी तकनीकी और परिचालन मानकों पर खरी उतरी.

अग्नि-5 की खासियत:

5,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम, 600 किलोमीटर तक की ऊंचाई पर उड़ान, MIRV तकनीक (Multiple Independently Targetable Re-entry Vehicle) से लैस – यानी एक साथ कई निशानों को भेदने की क्षमता, इसका मतलब है कि यह मिसाइल सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि चीन जैसे देशों के भीतर भी किसी भी लक्ष्य तक आसानी से पहुंच सकती है.

रणनीतिक संतुलन पर असर

पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि अग्नि-5 सिर्फ डिफेंस सिस्टम नहीं, बल्कि भारत की न्यूक्लियर डिटरेंस रणनीति का अहम हिस्सा है. MIRV तकनीक की वजह से यह मिसाइल किसी भी मिसाइल डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में सक्षम है. इस तरह की तकनीकी उन्नति से भारत की स्थिति न केवल दक्षिण एशिया में, बल्कि वैश्विक सैन्य ताकतों की सूची में भी मजबूत होती है.

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