Lucknow fire CM Yogi Action: लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए दर्दनाक कोचिंग सेंटर अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है. इस हादसे में 15 छात्रों की मौत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लिया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए.
चार अधिकारियों पर गिरी गाज
शुरुआती जांच में सुरक्षा नियमों और प्रशासनिक लापरवाही की बात सामने आने के बाद चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
Lucknow fire incident | Four individuals have been suspended with immediate effect following the Chief Minister's directives:
— ANI (@ANI) June 22, 2026
1) Gaurav Kumar, Executive Engineer (Collection), Electricity Department, Janakipuram
2) Kamlendra Kumar Singh, FSSO, Fire Department, Indira Nagar
3)…
निलंबित अधिकारियों में शामिल हैं:
गौरव कुमार- एक्सईएन, विद्युत विभाग
कमलेन्द्र कुमार सिंह- एफएसएसओ, अग्निशमन विभाग
अनिल कुमार- सहायक अभियंता, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए)
प्रमोद पांडे- जूनियर इंजीनियर, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए)
इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक विभागों में हड़कंप मच गया है.
बिल्डिंग मालिक भी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में बिल्डिंग मालिक को भी गिरफ्तार कर लिया है. जांच में पता चला है कि इमारत में कई सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था. बताया जा रहा है कि भवन में फायर एनओसी नहीं थी और निर्माण भी स्वीकृत नक्शे के अनुसार नहीं किया गया था. इसके बावजूद वहां कोचिंग सेंटर संचालित किया जा रहा था.
सुरक्षा व्यवस्था में मिली कई खामियां
जांच एजेंसियों को शुरुआती जांच में सुरक्षा से जुड़ी कई गंभीर कमियां मिली हैं. आग लगने की स्थिति में बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे, जिससे हादसा और भी भयावह हो गया. अधिकारियों का मानना है कि अगर सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन किया गया होता, तो नुकसान कम हो सकता था.
दोषियों को नहीं मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा है कि इस हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और किसी भी दोषी को बख्शा न जाए. साथ ही प्रदेश में ऐसे अन्य संस्थानों की भी जांच करने को कहा गया है, जहां सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जा रही हो.
पूरे प्रदेश में बढ़ी सतर्कता
इस घटना के बाद प्रशासन ने कोचिंग सेंटरों, स्कूलों और अन्य व्यावसायिक इमारतों में फायर सेफ्टी और भवन सुरक्षा मानकों की जांच तेज करने का फैसला किया है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके.
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