दिल्ली में बंद होंगे 137 मोहल्ला क्लीनिक, बनेंगे आयुष्मान आरोग्य मंदिर, रेखा सरकार का बड़ा फैसला

दिल्ली में जल्द ही 137 और मोहल्ला क्लीनिक बंद होने वाले हैं. यह कदम दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने सभी जिलों के मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारियों को दिए निर्देशों के बाद उठाया गया है.

137 mohalla clinics will be closed in Delhi Rekha government
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दिल्ली में जल्द ही 137 और मोहल्ला क्लीनिक बंद होने वाले हैं. यह कदम दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने सभी जिलों के मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारियों को दिए निर्देशों के बाद उठाया गया है. सरकार का कहना है कि शहर में अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है, जिसके चलते पुराने मोहल्ला क्लीनिकों को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जा रहा है.

मोहल्ला क्लीनिक योजना दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार द्वारा 2015 में शुरू की गई थी. इसका उद्देश्य था कि शहर के हर इलाके में नागरिकों को सुलभ और किफायती हेल्थ-केयर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. इस योजना के तहत अब तक 540 क्लीनिक खोले गए थे.

लेकिन अब धीरे-धीरे इन क्लीनिकों की जगह आयुष्मान आरोग्य मंदिर ले रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पूरे दिल्ली में लगभग 1100 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोलने की योजना है, जिनमें से अब तक 319 मंदिर शुरू किए जा चुके हैं.

बंद होने वाले क्लीनिकों की स्थिति

बंद किए जाने वाले 137 क्लीनिक में से अधिकांश पोर्टा केबिन में चल रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार:

  • 101 क्लीनिक पोर्टा केबिन में काम कर रहे थे.
  • 30 क्लीनिक किराए की जगहों पर थे.
  • पांच सरकारी भवनों में और एक प्राइवेट बिल्डिंग में ये क्लीनिक बिना किराए के चल रहे थे.

इसके अलावा, बंद होने वाले 41 क्लीनिकों में फिलहाल डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे, इसलिए वे काम नहीं कर रहे थे. बाकी 96 क्लीनिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर के पास हैं, जिससे उनकी उपयोगिता कम हो गई थी.

आयुष्मान आरोग्य मंदिर का विस्तार

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में 81 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन किया. इससे शहर में प्राइमरी हेल्थ केयर सेंटरों की कुल संख्या 319 हो गई है. अधिकारियों ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे यह नेटवर्क बढ़ेगा, बाकी मोहल्ला क्लीनिक भी चरणबद्ध तरीके से बंद किए जा सकते हैं.

कर्मचारियों की चिंता और PIL

मोहल्ला क्लीनिक यूनियन के प्रेसिडेंट जितेंद्र कुमार ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जनता दरबार के दौरान मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया था कि सभी मौजूदा क्लीनिक स्टाफ को बिना किसी इंटरव्यू के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में समायोजित किया जाएगा.

हालांकि, यूनियन का आरोप है कि सरकार ने मौजूदा कर्मचारियों को नौकरी दिए बिना ही मोहल्ला क्लीनिक बंद करना शुरू कर दिया है. इस स्थिति में यूनियन ने कोर्ट में PIL फाइल की है और अब उन्हें उम्मीद है कि अदालत से उचित न्याय मिलेगा.

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