UP News: लखनऊ में हुए कोचिंग सेंटर अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्यभर में कोचिंग सेंटरों की जांच शुरू कर दी गई है.
पुलिस, प्रशासन, फायर विभाग, विकास प्राधिकरण और विद्युत सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीमें सुरक्षा मानकों की जांच कर रही हैं. नियमों का उल्लंघन मिलने पर अब तक 100 से ज्यादा कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई की जा चुकी है.
खान सर के कोचिंग सेंटर पर भी कार्रवाई
प्रयागराज में खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग सेंटर पर भी कार्रवाई की गई है. जांच के दौरान फायर सेफ्टी से जुड़ी कई खामियां सामने आने के बाद संस्थान को सील कर दिया गया. अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा नियमों का पालन न करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा.
#WATCH | Prayagraj, Uttar Pradesh | Several coaching institutes sealed and notices have been issued after inspection, following the Lucknow fire incident. (23.06) pic.twitter.com/7jXXqo91KP
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) June 24, 2026
जिलाधिकारी ने बुलाई कोचिंग संचालकों की बैठक
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी ने कोचिंग सेंटर चलाने वालों की बैठक भी बुलाई है. मुख्यमंत्री योगी ने साफ निर्देश दिए हैं कि बेसमेंट में चल रहे कोचिंग सेंटर और अस्पताल बंद किए जाएं. उन्होंने कहा कि छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
#WATCH | Varanasi, Uttar Pradesh | Several coaching institutes sealed during enforcement drive by Varanasi Development Authority. (23.06) pic.twitter.com/7mOkHNGkj9
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) June 24, 2026
किन चीजों की हो रही है जांच?
जांच टीमों द्वारा कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच की जा रही है, जिनमें शामिल हैं:
गैर-पंजीकृत कोचिंग सेंटरों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है.
वाराणसी में भी कई सेंटर सील
वाराणसी में विकास प्राधिकरण और फायर विभाग की संयुक्त टीम ने कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी की जांच शुरू की. जांच के दौरान कई संस्थानों में फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन पाया गया. कुछ सेंटर बिना नक्शा पास कराए संचालित किए जा रहे थे, जिसके बाद उन्हें सील कर दिया गया. जौनपुर और चंदौली में भी जांच अभियान जारी है.
प्रयागराज में अधिकांश सेंटरों के पास नहीं थी एनओसी
प्रयागराज के मुख्य अग्निशमन अधिकारी के अनुसार शहर के 97 पंजीकृत कोचिंग सेंटरों में से केवल 15 के पास ही फायर एनओसी मौजूद थी. जांच के लिए 10 अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है, जो लगातार संस्थानों की जांच कर रही हैं.
कानपुर में बेसमेंट में चल रही थीं क्लासें
कानपुर के काकादेव क्षेत्र में बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है. यहां 30 से ज्यादा कोचिंग सेंटर सील किए गए हैं. जांच में सामने आया कि कई इमारतों के बेसमेंट, जो केवल पार्किंग के लिए निर्धारित थे, उन्हें अवैध रूप से क्लासरूम में बदल दिया गया था. इसके अलावा कई संस्थानों के पास वैध फायर एनओसी भी नहीं थी.
अन्य जिलों में भी जारी है कार्रवाई
मिर्जापुर सहित कई अन्य जिलों में भी जांच अभियान चल रहा है. कई कोचिंग सेंटरों को नियमों के उल्लंघन के कारण बंद कराया गया है. लखनऊ अग्निकांड के बाद सरकार अब सुरक्षा मानकों को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहती. अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी नियमों का उल्लंघन मिले, वहां तुरंत कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी भी तरह की दुर्घटना को रोका जा सके.
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