Khyber Pakhtunkhwa Emergency: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है. जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थक प्रदर्शन कर रहे हैं. इस बीच, पाकिस्तान सरकार ने प्रांत में इमरजेंसी लगा दी है. राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, सरकार विरोधी प्रदर्शनों और हिंसा की घटनाओं के बाद यह फैसला लिया गया.
PTI ने दावा किया है कि प्रांत के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी, विधानसभा अध्यक्ष बाबर सलीम स्वाति और पार्टी के प्रांतीय अध्यक्ष जुनैद अकबर खान का अपहरण कर लिया गया है. पार्टी का कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों में उसके कई सांसदों को भी अगवा किया गया है.
वहीं, पाकिस्तान के कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने कहा कि प्रांतीय सरकार को फिलहाल काम करने से रोक दिया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रांत में उग्रवाद की घटनाएं बढ़ी हैं. PTI प्रमुख गौहर अली खान ने इमरजेंसी लगाने के फैसले को खतरनाक और लोकतंत्र के खिलाफ बताया. उन्होंने कहा कि लोग अपने अधिकारों के खिलाफ उठाए गए ऐसे कदमों को स्वीकार नहीं करेंगे.
खैबर पख्तूनख्वा में क्यों लगाई गई इमरजेंसी?
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कैबिनेट की सिफारिश के बाद इमरजेंसी से जुड़े आदेश पर हस्ताक्षर किए. सरकार ने इसकी वजह प्रांत में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में प्रांतीय सरकार की कथित लापरवाही बताई है. हाल के दिनों में इस इलाके में कई आतंकी हमले भी हुए हैं.
खैबर पख्तूनख्वा इमरान खान की पार्टी PTI का मजबूत गढ़ माना जाता है. इमरजेंसी लागू होने के बाद प्रांत की चुनी हुई सरकार को किनारे कर दिया गया है. कानून मंत्री आजम नजीर तरार के मुताबिक, हालात सामान्य होने तक प्रांत का कामकाज सीधे गवर्नर संभालेंगे. उनकी मदद के लिए एक सलाहकार परिषद भी बनाई जाएगी.
प्रांत में कड़ी सुरक्षा, सड़कें और परिवहन बंद
इमरजेंसी के ऐलान के बाद प्रांतीय राजधानी पेशावर में सुरक्षा बढ़ा दी गई. मुख्यमंत्री के आवास के आसपास बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए. कई इलाकों में मोबाइल नेटवर्क की दिक्कत भी सामने आई. इसके अलावा, सार्वजनिक परिवहन सेवाएं रोक दी गईं और प्रांत के कई शहरों में सड़कें बंद कर दी गईं.
पेशावर के रहने वाले अब्दुर रहमान ने कहा कि शहर की सड़कें बंद हैं और विधानसभा के सदस्यों को बंधक बनाए जाने जैसी स्थिति बनी हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि इमरजेंसी लगाने से पश्तून लोगों के जनादेश को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है.
PTI समर्थकों ने करीब एक हफ्ते पहले मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी के नेतृत्व में लॉन्ग मार्च शुरू किया था. प्रदर्शनकारियों की योजना पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचने की थी. हालांकि, सरकार के साथ बातचीत टूटने के बाद विरोध प्रदर्शन तेज हो गए.
इमरान खान की रिहाई के लिए प्रदर्शन
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं. उन पर भ्रष्टाचार और हिंसा भड़काने समेत कई आरोप लगाए गए हैं. इमरान खान और उनकी कानूनी टीम इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज करते रहे हैं.
इमरान खान ने सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर समेत पाकिस्तान की सैन्य नेतृत्व पर उन्हें सत्ता से हटाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है. हालांकि, सेना राजनीति में दखल देने से इनकार करती रही है.
पिछले कुछ हफ्तों से पाकिस्तान सरकार विपक्ष के प्रदर्शनों को रोकने के लिए PTI नेताओं के साथ बातचीत कर रही थी. सरकार चाहती थी कि प्रांत में सुरक्षा बढ़ाने के मुद्दे पर सहमति बने. वहीं, प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि इमरान खान को उनके निजी डॉक्टरों से मिलने दिया जाए और उनकी रिहाई का रास्ता निकाला जाए.
4 अक्टूबर को सरकार और PTI के बीच बातचीत टूट गई. इसके बाद पार्टी समर्थकों ने सड़कों पर प्रदर्शन तेज कर दिए. अब खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी लागू होने से पाकिस्तान का राजनीतिक संकट और गहरा गया है.