'दीपके को दादी के निधन की खबर दी थी, खुद जाने से मना किया', दिल्ली पुलिस ने Video जारी कर बताई सच्चाई

दिल्ली में चुनाव आयोग और एसआईआर के मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन का आज दूसरा दिन है. इस बीच पार्टी के प्रवक्ताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली पुलिस पर कई आरोप लगाए.

Deepak was informed of his grandmother Delhi Police releases video
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Delhi Police PC: दिल्ली में चुनाव आयोग और एसआईआर के मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन का आज दूसरा दिन है. इस बीच पार्टी के प्रवक्ताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली पुलिस पर कई आरोप लगाए. इसके जवाब में दिल्ली पुलिस की डीसीपी नेहा यादव ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की और सभी आरोपों पर सफाई दी. पुलिस ने उस आरोप को खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन की जानकारी नहीं दी गई थी.

दिल्ली पुलिस का कहना है कि दीपके को उनकी दादी के निधन की सूचना दी गई थी. साथ ही, अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उनके गृह नगर जाने में मदद की पेशकश भी की गई थी, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया.

दिल्ली पुलिस ने जारी किया वीडियो

दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन की जानकारी देने वाला वीडियो जारी किया है. यह कदम दीपके की मां के उस आरोप के बाद उठाया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पुलिस ने शनिवार को उनके बेटे को निधन की खबर नहीं दी.

डीसीपी नेहा यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में वीडियो दिखाते हुए कहा कि दीपके को समय पर सूचना दी गई थी. उन्हें अंतिम संस्कार का समय भी बताया गया था.

'मानवीय आधार पर मदद की पेशकश की गई'

नेहा यादव ने कहा कि दीपके को परिवार से बात करने का विकल्प दिया गया था. इसके अलावा, मानवीय आधार पर उन्हें अपने गृह नगर जाने के लिए हरसंभव मदद देने की पेशकश भी की गई थी, लेकिन उन्होंने इसका लाभ नहीं लिया.

पुलिस के मुताबिक, दीपके की दादी लंबे समय से बीमार थीं और शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे उनका निधन हो गया था.

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति क्यों नहीं दी?

डीसीपी नेहा यादव ने बताया कि CJP के पिछले प्रदर्शनों के दौरान कानून और प्रशासन के निर्देशों का पालन नहीं किया गया था. पुलिस का दावा है कि पहले अनुमति मिलने के बावजूद पार्टी की ओर से जुटाई गई भीड़ ने पत्थरबाजी, आगजनी और हिंसा की थी. इससे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा था.

पुलिस ने कहा कि पिछले अनुभवों, नियमों के पालन से जुड़े मामलों और मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए जनपथ पर प्रस्तावित धरने की अनुमति नहीं दी गई. दिल्ली पुलिस के अनुसार, शहर के कई इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की गई थी, जिसके तहत भीड़ जुटाने और विरोध-प्रदर्शन पर रोक लगाई गई थी.

दिल्ली पुलिस ने तीन नेताओं को हिरासत में लिया था

अभिजीत दीपके उन तीन CJP नेताओं में शामिल थे, जिन्हें शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने विमान के अंदर से हिरासत में लिया था. अन्य दो नेताओं के नाम आशुतोष रांका और सौरव दास हैं.

पुलिस ने नई दिल्ली इलाके में लागू निषेधाज्ञा और जरूरी प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया था. इसके बाद तीनों को एहतियातन गिरफ्तार किया गया. रविवार सुबह कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया.

CJP की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह के मुताबिक, तीनों नेताओं को इस शर्त पर रिहा किया गया कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे. वहीं, पार्टी ने अपने बयान में उनकी रिहाई को बड़ी कानूनी जीत बताया.