'अयोध्या पर किसी मंथरा या मारीच की कुदृष्टि न पड़े', सीएम योगी ने निषाद समाज के साथ मनाई दिवाली

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिवाली के मौके पर अयोध्या में निषाद समाज के लोगों के साथ त्योहार मनाया. इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम और निषाद समाज के पुराने रिश्तों का जिक्र किया.

CM Yogi while celebrating Diwali 2026 with the Nishad community in ayodhya
Image Source: Social Media

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिवाली के मौके पर अयोध्या में निषाद समाज के लोगों के साथ त्योहार मनाया. इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम और निषाद समाज के पुराने रिश्तों का जिक्र किया. सीएम योगी ने अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने की बात कही. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अयोध्या पर किसी मंथरा या मारीच की कुदृष्टि नहीं पड़नी चाहिए. अयोध्या के गौरव को नुकसान पहुंचाने और उसे फिर से बदनाम करने की किसी भी कोशिश को कामयाब नहीं होने देना है.

सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या धाम पर किसी की बुरी नजर न पड़े, इसकी जिम्मेदारी हम सभी की है. उन्होंने कहा कि अब अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां नहीं चलेंगी और न ही जय श्रीराम का नारा लगाने पर किसी को लाठी-डंडे खाने पड़ेंगे. पंचकोसी, 14 कोसी और 84 कोसी परिक्रमा पर भी कोई रोक नहीं लगा पाएगा. मुख्यमंत्री ने लोगों से इन परंपराओं और धार्मिक विरासत की रक्षा के लिए एकजुट रहने की अपील की.

भगवान राम और निषाद समाज के रिश्ते को किया याद

निषाद समाज के साथ दिवाली मनाते हुए मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम से जुड़े प्रसंगों का भी जिक्र किया. रामायण में भगवान राम के वनवास के दौरान निषादराज गुह और केवट का प्रसंग आता है. केवट ने भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण को नदी पार कराई थी. इस घटना को भक्ति, प्रेम और समर्पण का प्रतीक माना जाता है.

निषाद समाज की पहचान परंपरागत रूप से नाव चलाने और मछली पकड़ने जैसे कामों से भी जुड़ी रही है. ऐसे में मुख्यमंत्री का इस समाज के लोगों के साथ दिवाली मनाना भगवान राम और निषाद समाज के पुराने संबंधों को याद करने का एक खास मौका रहा.

रामलला के दर्शन कर देश की खुशहाली की कामना की

इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में रामलला के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम को नमन करते हुए देशवासियों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं.

मुख्यमंत्री ने दिवाली को सनातन संस्कृति की परंपरा और भगवान श्रीराम के आदर्शों से जुड़ा बड़ा पर्व बताया. उन्होंने कहा कि यह त्योहार धर्म, सत्य और आध्यात्मिक विरासत के मूल्यों की याद दिलाता है. साथ ही उन्होंने देश की तरक्की, खुशहाली और समृद्धि के लिए प्रार्थना की.

ये भी पढ़ें- Diwali: पीएम मोदी ने देशवासियों को दी दिवाली की शुभकामनाएं, बस्तर में सैनिकों के साथ मनाएंगे त्योहार