583 सड़कें बंद, 2263 ट्रांसफार्मर ठप, 22 गाड़ियां बहीं... हिमाचल में बर्फबारी ने बरपाया कहर

28 फरवरी को कुल्लू के पाहनाला और कांगड़ा के छोटा भंगाल में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ ने भारी नुकसान किया.

snowfall wreaked havoc in Himachal
प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo: ANI

हिमाचल प्रदेश में सर्दियों के मौसम की विदाई से पहले मूसलधार बारिश और बर्फबारी ने राज्य के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई. कुल्लू, शिमला, लाहौल स्पीति, किन्नौर और कांगड़ा जैसे इलाकों में बारिश और बर्फबारी के कारण कई इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. 28 फरवरी को कुल्लू के पाहनाला और कांगड़ा के छोटा भंगाल में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ ने भारी नुकसान किया. कुल्लू के गांधीनगर में भी भूस्खलन हुआ, जिससे वहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया. हालांकि, शनिवार को मौसम साफ हुआ और धूप निकली, जिससे हालात कुछ सुधरे.

भारी बर्फबारी और भूस्खलन से सड़कों और बिजली आपूर्ति पर असर

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने 28 फरवरी की शाम को जारी रिपोर्ट में बताया कि बर्फबारी और भूस्खलन के कारण पूरे प्रदेश में परिवहन और बिजली आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ा है. पांच राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 583 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं, जिनमें 85 राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं. इसके साथ ही 2,263 विद्युत ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हुए हैं, जिससे कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है. इसके अलावा 279 जल आपूर्ति योजनाएं भी बाधित हुई हैं, जिससे पानी की कमी की समस्या बढ़ गई है.

कई जिलों में सड़कों के बंद होने से संपर्क बाधित

हिमाचल प्रदेश के कई जिले खास तौर पर इस आपदा से प्रभावित हुए हैं. चंबा जिले में सबसे ज्यादा 125 सड़कें बाधित हुई हैं, जिससे कई ग्रामीण और शहरी इलाके आपस में कट गए हैं. किन्नौर जिले में 76 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं, जबकि कुल्लू जिले में 31 सड़कें बंद हैं, जिनमें प्रमुख रास्ते जैसे रोहतांग पास और मनाली से जालोरी पास भी शामिल हैं. लाहौल-स्पीति जिले में भी 82 सड़कें बंद हो गई हैं, और कई दुर्गम क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण रास्ते पूरी तरह से अवरुद्ध हो गए हैं. शिमला जिले में 30 सड़कें बंद हैं, जिससे रामपुर और आसपास के इलाकों में आवागमन मुश्किल हो गया है.

बिजली और पानी की समस्या

बिजली आपूर्ति पर भी इसका गंभीर असर पड़ा है. कुल्लू जिले में 975, किन्नौर में 396, और मंडी में 571 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं, जिससे इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बिजली गुल हो गई है. इसके साथ ही कुल्लू में 125, शिमला में 25 और चंबा में 16 जल आपूर्ति योजनाएं भी बाधित हुई हैं, जिससे स्थानीय लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ा है. मनाली में पूरी तरह से ब्लैकआउट है, हालांकि कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति फिर से शुरू हुई है. लाहौल-स्पीति से अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं आई है क्योंकि वहां बिजली और संचार नेटवर्क पूरी तरह से ठप हो चुका है.

वाहनों और संपत्ति को हुआ भारी नुकसान

इन प्राकृतिक आपदाओं के चलते हिमाचल प्रदेश में कई वाहन बहे और क्षतिग्रस्त हुए. कुल्लू के पाहनाला में बादल फटने से आठ वाहन मलबे में दब गए. कुल्लू में सरवरी नाले और गांधीनगर नाले में भी बाढ़ आई, जिससे कई गाड़ियां मलबे में फंसीं. मनाली में पेड़ गिरने से दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और हडिम्बा मंदिर पर भी पेड़ गिरा. कांगड़ा के मुल्थान में नौ वाहन क्षतिग्रस्त हुए, जबकि छोटा भंगाल के मुल्थान में बादल फटने से 12 घरों को खतरा उत्पन्न हो गया, और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया. पालमपुर के जिया स्थित हाइड्रो प्रोजेक्ट में भूस्खलन के कारण एक कर्मचारी घायल हो गया, जबकि एक अन्य लापता है.

प्रशासन ने की छुट्टियां घोषित

शनिवार को राज्य के कई जिलों में, जैसे कुल्लू, पांगी, लाहौल और किन्नौर, स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं ताकि छात्रों और कर्मचारियों को मौसम की इस गंभीर स्थिति से बचाया जा सके.

यह प्राकृतिक आपदा हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए एक कठिन समय लेकर आई है. प्रशासन ने बचाव कार्य तेज कर दिए हैं, और आने वाले दिनों में मौसम में सुधार की उम्मीद है.

ये भी पढ़ेंः Weather Forecast: आसमान उगलेगा आग! अगले तीन महीने 'भीषण' गर्मी से होगी हालत खराब, IMD का अलर्ट