नई दिल्ली, भारत 24 डिजिटल डेस्क: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की लड़ाई को लेकर मंगलवार को चुनाव आयोग (Election Commission) ने अपना फैसला सुनाया है. चुनाव आयोग ने शरद पवार गुट को बड़ा झटका देते हुए अजित पवार गुट के पक्ष में फैसला सुनाया और अजित पवार गुट को ही असली एनसीपी बताया है. चुनाव आयोग का कहना है कि अजित पवार गुट को एनसीपी का नाम और चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने का अधिकार है.
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
बता दें कि अजित पवार ने एनसीपी में बगावत किया था और पार्टी से अलग होकर अपने गुट के साथ पार्टी पर दावा किए थे. जिस पर चुनाव आयोग ने 6 महीने से अधिक समय तक चली 10 से अधिक सुनवाई के बाद चुनाव आयोग ने अजीत पवार के नेतृत्व वाले गुट के पक्ष में फैसला सुनाया है. आयोग ने अपने फैसले में याचिका की रखरखाव के निर्धारित परीक्षणों का पालन किया, जिसमें पार्टी संविधान के लक्ष्यों और उद्देश्यों का परीक्षण, पार्टी संविधान का परीक्षण और संगठनात्मक और विधायी दोनों बहुमत के परीक्षण शामिल थे.
शरद पवार को क्या दिया?
चुनाव आयोग के मुताबिक शरद पवार गुट समय पर बहुमत साबित नहीं कर सका, इसके चलते चीजें उनके पक्ष में नहीं गईं. महाराष्ट्र से राज्यसभा की 6 सीटों के लिए चुनाव की समयसीमा को ध्यान में रखते हुए शरद पवार गुट को चुनाव संचालन नियम 1961 के नियम 39AA का पालन करने के लिए विशेष रियायत दी गई हैं. चुनाव आयोग ने शरद पवार को नई पार्टी बनाने के लिए तीन नाम देने को कहा है. ये नाम बुधवार, 7 फरवरी को दोपहर 3 बजे तक देने होंगे.