ईरान में हाल के हफ्तों में चले व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद देश की सियासत और सुरक्षा व्यवस्था में भारी हलचल देखी जा रही है. इन प्रदर्शनों के बाद बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया, लेकिन अब जिस नाम ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं, वह है 63 साल की नाजनींन बरादरन. ईरानी सरकार और सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि नाजनींन इन आंदोलनों की प्रमुख रणनीतिकार थीं और उन्होंने सरकार विरोधी प्रदर्शनों को दिशा दी.
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खुफिया सूचनाओं के आधार पर नाजनींन बरादरन को गिरफ्तार किया है. सरकारी मीडिया में उन्हें विरोध प्रदर्शनों को हिंसक रूप देने वाली “मुख्य साजिशकर्ता” बताया जा रहा है.
विरोध प्रदर्शनों को भड़काने का आरोप
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, नाजनींन बरादरन ने देशभर में फैले विरोध प्रदर्शनों के दौरान अलग-अलग समूहों को संगठित किया और उन्हें सरकार के खिलाफ उग्र कार्रवाई के लिए प्रेरित किया. आरोप है कि शांतिपूर्ण विरोध को हिंसक बनाने की योजना उन्हीं के निर्देश पर बनाई गई.
सरकारी मीडिया का कहना है कि हालिया अशांति के पीछे शामिल कई अहम लोगों को हिरासत में लिया गया है और नाजनींन बरादरन उन प्रमुख नामों में शामिल हैं. इन गिरफ्तारियों को लंबी और जटिल खुफिया निगरानी का नतीजा बताया गया है.
अमेरिका और इज़राइल से कथित संबंध
ईरानी मीडिया ने नाजनींन बरादरन पर यह भी आरोप लगाया है कि उनके अमेरिका और इज़राइल से संपर्क थे. दावा किया गया है कि वे विदेशी ताकतों के इशारे पर ईरान में अस्थिरता फैलाने का काम कर रही थीं.
हालांकि, इन दावों की अब तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है. अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने स्पष्ट किया है कि वह न तो इन आरोपों की पुष्टि कर पाई है और न ही नाजनींन बरादरन की पहचान को स्वतंत्र रूप से सत्यापित कर सकी है.
रजा पहलवी से जुड़ाव का दावा
ईरानी मीडिया रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि नाजनींन बरादरन का संबंध ईरान के आखिरी शाह के बेटे और निर्वासित नेता रजा पहलवी से था. रिपोर्टों के मुताबिक, वे रजा पहलवी के लिए काम कर रही थीं और विरोध प्रदर्शनों को संगठित करने में उनकी भूमिका अहम थी.
बताया गया है कि नाजनींन “राहा परहम” नाम के कोडनेम के तहत काम कर रही थीं. इसी कोडनेम से वे आंदोलन से जुड़े निर्देश और समन्वय करती थीं. रजा पहलवी के सोशल मीडिया पोस्ट्स के बाद ही बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे थे, जिसके चलते सरकार को इंटरनेट सेवाएं तक बंद करनी पड़ी थीं.
हाल ही में रजा पहलवी ने एक बार फिर लोगों से वीकेंड पर बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतरने की अपील की, जिससे ईरानी प्रशासन की चिंता और बढ़ गई.
CIA से संपर्क का दावा
सरकारी मीडिया का दावा है कि रजा पहलवी के जरिए नाजनींन बरादरन अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के संपर्क में थीं. यह भी कहा गया है कि उनकी गिरफ्तारी के बाद देश में विरोध प्रदर्शनों की तीव्रता कम हो गई.
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इन दावों पर सावधानी बरतते हुए कहा है कि फिलहाल इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
कौन हैं नाजनींन बरादरन?
नाजनींन बरादरन का जन्म 1963 में हुआ था. उन्होंने ईरान के शिराज शहर स्थित शिराज यूनिवर्सिटी से शिक्षा प्राप्त की. वे लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर सक्रिय रही हैं.
खास तौर पर महिला अधिकारों और महिला सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर वे मुखर रही हैं. ईरान में महिलाओं की स्थिति को लेकर उठने वाली बहसों में उनका नाम पहले भी सामने आता रहा है.
ये भी पढ़ें- जैश और लश्कर के कैंप फिर से एक्टिव, भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में किया था तबाह, रची जा रही बड़ी साजिश?