Weather Update: आसमान से बरसेगी 'आफत', किसानों के लिए बढ़ सकती है मुसीबत; इन 4 राज्यों के लिए IMD का अलर्ट

जब गेहूं की फसल कटने के नजदीक हो, तब अचानक बारिश और ओलावृष्टि फसल के लिए भारी नुकसानकारी हो सकती है.

Weather Update problems may increase for farmers IMD alert for these 4 states
प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo: ANI

देशभर के किसानों के लिए यह समय बेहद अहम है, क्योंकि गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार है. पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और झारखंड जैसे कृषि-प्रधान राज्यों में किसान गेहूं की कटाई की तैयारी में जुटे हैं, लेकिन इस बीच मौसम ने जो करवट ली है, उससे किसानों की टेंशन बढ़ गई है. मौसम विभाग के मुताबिक, इस वक्त एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) उत्तर भारत में सक्रिय हो चुका है, जिसकी वजह से 13 मार्च से कुछ हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई जा रही है.

फसल पर बारिश और ओलावृष्टि का प्रभाव

जब गेहूं की फसल कटने के नजदीक हो, तब अचानक बारिश और ओलावृष्टि फसल के लिए भारी नुकसानकारी हो सकती है. तेज बारिश और ओले फसलों को खराब कर सकते हैं, खासकर गेहूं की फसल पर इसका सीधा असर पड़ सकता है. मौसम में यह बदलाव ऐसे समय पर हो रहा है, जब किसानों को अच्छी फसल होने की उम्मीद थी, और अब वे इस अप्रत्याशित मौसम परिवर्तन से परेशान हैं.

स्काईमेट वेदर के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस सामान्यत: सर्दियों में सक्रिय होते हैं, जो हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश का कारण बनते हैं. आमतौर पर मार्च तक इनकी सक्रियता कम हो जाती है, लेकिन इस बार मौसम में कुछ अलग ही हलचल देखने को मिल रही है. 13 से 15 मार्च के बीच वेस्टर्न डिस्टरबेंस का प्रभाव रहेगा, जिसके चलते जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है.

उत्तर भारत में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी

पाकिस्तान, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान, पंजाब, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है, जो वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण हो सकती है. इसके साथ ही, कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है, जिससे किसानों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. पिछले साल भी ऐसी ही स्थिति थी, जब ओलावृष्टि के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ था.

किसानों के लिए यह समय अपने खेतों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि फसल की कटाई के दौरान मौसम का कोई भी अप्रत्याशित परिवर्तन नुकसान का कारण बन सकता है. उत्तर भारत के किसान मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों को गंभीरता से ले रहे हैं, और वे अपने खेतों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं.

हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी की उम्मीद

वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से हिमालयी राज्यों में बर्फबारी की कमी को पूरा करने की उम्मीद जताई जा रही है. वहीं दूसरी ओर, उत्तर भारत के किसान इस मौसम परिवर्तन के साथ आई आफत से बचने के उपायों पर विचार कर रहे हैं. मौसम के इस बदलाव के साथ-साथ, किसानों को अपनी फसलों के लिए और भी अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि किसी भी प्रकार के नुकसान से बचा जा सके.

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