हमीरपुर में पसरा मातम, तालाब में नहाते वक्त 3 बच्चों की गई जान; परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

Hamirpur News: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के मौदहा कोतवाली क्षेत्र के खण्डेह गांव में सोमवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया. रामजानकी मंदिर के पीछे बने तालाब में नहाने गए तीन मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई. घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया.

Uttar Pradesh Mourning spread in Hamirpur 3 children died while bathing in the pond
Image Source: Social Media

Hamirpur News: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के मौदहा कोतवाली क्षेत्र के खण्डेह गांव में सोमवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया. रामजानकी मंदिर के पीछे बने तालाब में नहाने गए तीन मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई. घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया.

जानकारी के मुताबिक सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे गांव के सात बच्चे भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए तालाब पर पहुंचे थे. इनमें पांच बच्चे पानी में नहाने उतर गए, जबकि दो बच्चे किनारे बैठे रहे. इसी दौरान नहाते समय तीन बच्चे तालाब के भीतर बने गहरे गड्ढे में चले गए और डूबने लगे. मृतकों की पहचान प्रबल यादव (10), आदित्य कुशवाहा (9) और भोला कुशवाहा (10) के रूप में हुई है. तीनों बच्चे खण्डेह गांव के रहने वाले थे.

तालाब के गहरे गड्ढे में फंसे बच्चे

ग्रामीणों के अनुसार तालाब में सामान्य रूप से करीब पांच फीट पानी था, लेकिन बीच में आठ से दस फीट गहरा गड्ढा बना हुआ था. नहाते समय तीनों बच्चे इसी गड्ढे में चले गए और बाहर नहीं निकल सके.

बताया गया कि किनारे बैठे बच्चों ने जब भोला को डूबते देखा तो शोर मचाया. पानी में मौजूद बाकी दो बच्चे किसी तरह बाहर निकल आए और गांव वालों को सूचना दी. इसके बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई.

पुलिस और ग्रामीणों ने चलाया राहत अभियान

सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए. पुलिस भी तत्काल तालाब पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से तीनों बच्चों को बाहर निकाला गया. इसके बाद उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मौदहा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद अस्पताल में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया.

तालाब के पास नहीं थे सुरक्षा इंतजाम

ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है. लोगों का कहना है कि तालाब के पास न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगा था और न ही किसी तरह के सुरक्षा उपकरण मौजूद थे. यदि सुरक्षा के इंतजाम होते तो शायद यह हादसा टल सकता था. ग्रामीणों ने बताया कि तीनों बच्चों को तैरना भी नहीं आता था, जिसके कारण वे गहरे पानी से बाहर नहीं निकल सके.

अधिकारियों ने लिया घटनास्थल का जायजा

घटना की सूचना मिलने के बाद क्षेत्राधिकारी राजकुमार पांडेय, उपजिलाधिकारी करणवीर सिंह और कोतवाली प्रभारी संतोष कुमार पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे. अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली और मामले की जांच शुरू कर दी. कोतवाली प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे घटना की सूचना मिली थी. पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कराया.

पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव

अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि तीनों बच्चों के शवों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है. इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है. एक साथ तीन मासूम बच्चों की मौत से हर कोई स्तब्ध है.

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