CM Yogi On Ram Mandir: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी के मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है. अयोध्या में राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में उन्होंने मामले की जांच और उससे जुड़े आरोपों पर अपनी बात रखी. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है और जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जाएगी.
'सबूत हो तो एसआईटी को दें'
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, "सबूत हो तो एसआईटी को दें. दूध और दूध और पानी का पानी होगा. किसी के पास सबूत हो तो एसआईटी को मुहैया कराएं." उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच एजेंसी को अपना काम करने दिया जाना चाहिए.
'अयोध्या को बदनाम करने वालों के बहकावे में न आएं'
मुख्यमंत्री ने लोगों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा, "अयोध्या को बदनाम करने वालों के बहकावे में न आएं. कुछ लोग नहीं चाहते कि अयोध्या का विकास हो." उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी.
वीरांगना झलकारी बाई की भव्य प्रतिमा के अनावरण एवं विभिन्न लोक-कल्याणकारी विकास परियोजनाओं के लोकार्पण/शिलान्यास हेतु जनपद अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम में... https://t.co/NWScyiRiEf
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 19, 2026
'अपराधी कोई भी हो, बचेगा नहीं'
सीएम योगी ने कहा, "अपराधी कोई भी हो, बचेगा नहीं." उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग पहले रामभक्तों और राम मंदिर आंदोलन का विरोध करते रहे, वे अब इस मुद्दे पर बयान दे रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा, "समाजवादी पार्टी के दोहरे चरित्र को देखो. कह रहे हैं कि राम भक्तों का अपमान हुआ है. कारसेवकों पर गोली चलाने वाले लोग आज उपदेश देने चले हैं."
रामभक्तों से संयम की अपील
मुख्यमंत्री ने सभी रामभक्तों से जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा, "सभी राम भक्तों से अपील है कि अयोध्या के बारे में जो सुनने को मिला. हमने ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच बैठाई है. एसआईटी जांच दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी." साथ ही उन्होंने कहा, "अगर किसी के पास कोई डॉक्यूमेंट्री प्रूफ है, वे कृपया एसआईटी को उपलब्ध करा दें. एसआईटी जांच करके देगी."
'15 दिन और देख लें, इंतजार कर लो'
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी तरह की जल्दबाजी या अफवाहों से बचना चाहिए. उन्होंने कहा, "राम भक्तों से भी कहना चाहूंगा. प्रभु राम ने हमें मर्यादा का पाठ पढ़ाया है. हमने उस मर्यादा का पालन करते हुए 500 सालों तक संघर्ष किया. 15 दिन और देख लें, इंतजार कर लो, चिंता मत करो."
इसके साथ ही उन्होंने कहा, "अयोध्या को बदनाम करने वाले राम जन्मभूमि को अपमानित करने वालों के बहकावे में कतई न आएं. ये लोग नहीं चाहेंगे कि अयोध्या का नाम हो."
SIT रिपोर्ट तक बयानबाजी से बचने की सलाह
मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच को प्रभावित करने वाली बयानबाजी से बचना चाहिए. उन्होंने कहा, "मेरी अपील है कि एसआईटी की रिपोर्ट आने तक बयानबाजी कतई न करें. बीच बीच में जब बयानबाजी होती है तो जांच को प्रभावित करती है. जांच करने दें." उन्होंने आगे कहा, "अनावश्यक रूप से चरित्र हनन न करें. अगर कोई अपराधी है - कोई भी होगा - तो बचेगा नहीं."
विपक्ष पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अयोध्या के विकास और विपक्षी दलों की राजनीति का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, "आज नई अयोध्या है. ये इनको अच्छा नहीं लगता है. माता सबरी के नाम पर भोजनालय इन्हें अच्छे नहीं लगता. उनको कब्रिस्तान की बाउंड्री से फुर्सत नहीं थी. वे वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा क्यों लगाते?"
इसके अलावा उन्होंने कहा, "इसी अयोध्या के नाम पर जय श्री राम का नारा लगाने पर ये लाठी-गोली चलाते थे. इनके दोगले चरित्र को देखो." मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा, "जो कांग्रेस राम मंदिर नहीं बनने के लिए जोर लगा रही थी और न्यायालय में शपथ दिया था कि राम तो थे ही नहीं. वे लोग कह रहे हैं कि अयोध्या में राम भक्तों का अपमान हो गया. क्या तब अपमान नहीं हो रहा था."
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