दुनिया के सबसे शक्तिशाली पदों में से एक अमेरिकी राष्ट्रपति का पद केवल राजनीतिक ताकत का प्रतीक नहीं होता, बल्कि उससे जुड़ी हर चीज वैश्विक आकर्षण का केंद्र बन जाती है. राष्ट्रपति की सुरक्षा से लेकर उनके आधिकारिक विमान तक, हर पहलू चर्चा में रहता है. अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जिस नए एयरफोर्स वन विमान का अनावरण किया है, उसने एक बार फिर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. खास बात यह है कि यह विमान पहले कतर के शाही परिवार के बेड़े का हिस्सा था और अब इसे अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है.
अगले महीने से नई उड़ान भरेंगे ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि वह जल्द ही इस नए विमान का इस्तेमाल आधिकारिक यात्राओं के लिए शुरू करेंगे. उन्होंने बताया कि अगले महीने तुर्किये की राजधानी अंकारा में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में वह इसी विमान से पहुंच सकते हैं. इसके अलावा भविष्य में चीन की संभावित यात्रा के लिए भी इसी विमान का उपयोग किए जाने की संभावना है.
ट्रंप के मुताबिक, फ्रांस में आयोजित G7 सम्मेलन से वापसी उनकी मौजूदा एयरफोर्स वन की आखिरी निर्धारित यात्रा थी. अब अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस यानी 4 जुलाई के अवसर पर नया एयरफोर्स वन विशेष उड़ान भरते हुए दिखाई देगा, जिसे लेकर पहले से ही उत्साह का माहौल बना हुआ है.
AIR FORCE ONE | 25-3300@USAirForce✈️🇺🇸🦅 pic.twitter.com/pMqxY3twkM
— Dan Scavino (@Scavino47) June 20, 2026
बोइंग के नए राष्ट्रपति विमान आने तक निभाएगा जिम्मेदारी
रिपोर्ट्स के अनुसार यह विमान स्थायी समाधान नहीं बल्कि एक अंतरिम व्यवस्था के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा. अमेरिकी प्रशासन इसे "ब्रिज एयरक्राफ्ट" कह रहा है. इसका मतलब यह है कि जब तक बोइंग कंपनी राष्ट्रपति के लिए पूरी तरह नया एयरफोर्स वन तैयार नहीं कर देती, तब तक यही विमान राष्ट्रपति की आधिकारिक उड़ानों का मुख्य साधन रहेगा. बताया जा रहा है कि बोइंग द्वारा तैयार किए जा रहे नए राष्ट्रपति विमान 2028 तक सेवा में आ सकते हैं. तब तक यह शाही जेट अमेरिका के राष्ट्रपति की यात्राओं की जिम्मेदारी संभालेगा.
अंदर से किसी लग्जरी महल से कम नहीं
इस विमान का बाहरी डिजाइन जितना आकर्षक है, उसका इंटीरियर उससे कहीं अधिक शानदार बताया जा रहा है. विमान के निचले हिस्से को गहरे नीले रंग से सजाया गया है, जबकि ऊपर लाल रंग की पट्टी इसे एक अलग पहचान देती है. पिछले हिस्से पर अमेरिकी झंडा और राष्ट्रपति की मुहर इसकी विशिष्टता को और बढ़ाते हैं.
विमान का निरीक्षण करने वाले पत्रकारों के अनुसार इसका आंतरिक स्वरूप किसी सामान्य हवाई जहाज जैसा नहीं बल्कि एक चलते-फिरते आलीशान घर जैसा महसूस होता है. अंदर हल्के भूरे रंग की दीवारें, चमकदार सजावट, लकड़ी के मजबूत फर्नीचर और प्रीमियम फिनिशिंग इसे बेहद खास बनाते हैं.
.@POTUS makes the inaugural exit from the BRAND NEW AIR FORCE ONE! 🔥🇺🇸 pic.twitter.com/jBciB2atAV
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) June 19, 2026
आराम और काम दोनों का पूरा इंतजाम
राष्ट्रपति की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विमान के भीतर बड़े-बड़े लाउंज बनाए गए हैं, जहां आराम से बैठकें की जा सकती हैं. आलीशान सोफे, निजी बातचीत के लिए विशेष क्षेत्र और कॉन्फ्रेंस आयोजित करने के लिए अलग-अलग कमरे भी मौजूद हैं.
सीटों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि उन्हें पूरी तरह बिस्तर में बदला जा सके. लंबी अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के दौरान यह सुविधा राष्ट्रपति और अन्य अधिकारियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी. इतना ही नहीं, पत्रकारों के लिए बनाए गए प्रेस सेक्शन को भी काफी विस्तारित किया गया है. बताया जा रहा है कि यह क्षेत्र पुराने एयरफोर्स वन की तुलना में दो से तीन गुना अधिक बड़ा है.
सुरक्षा के लिए किए गए बड़े बदलाव
हालांकि विमान मूल रूप से कतर के शाही परिवार के लिए बनाया गया था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए इसमें कई बड़े तकनीकी बदलाव किए गए हैं. अमेरिकी वायुसेना के अनुसार विमान में अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणालियां जोड़ी गई हैं ताकि यह राष्ट्रपति के आधिकारिक विमान के रूप में पूरी तरह सक्षम बन सके. इन बदलावों में संचार प्रणाली, सुरक्षा उपकरण और अन्य गोपनीय तकनीकों को शामिल किया गया है, जिससे विमान किसी भी संवेदनशील परिस्थिति में सुरक्षित रूप से संचालन कर सके.
कतर के तोहफे पर क्यों छिड़ा विवाद?
इस विमान को लेकर अमेरिका में राजनीतिक बहस भी शुरू हो गई है. आलोचकों का कहना है कि किसी विदेशी देश से इतना महंगा विमान उपहार के रूप में स्वीकार करना कई सवाल खड़े करता है. कुछ विशेषज्ञों ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक पारदर्शिता के नजरिए से भी देखा है. हालांकि अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि विमान को पूरी तरह अमेरिकी सुरक्षा मानकों के अनुरूप बनाया गया है और सभी आवश्यक जांच प्रक्रियाओं से गुजारा गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षा उन्नयन और अन्य तकनीकी बदलावों पर लगभग 400 मिलियन डॉलर खर्च किए गए हैं.
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