2030 तक स्मार्टफोन का चलन हो जाएगा खत्म, एलन मस्क ने इसके पीछे क्या बताई वजह?

Smartphone Elon Musk 2030 Prediction: दुनिया की तकनीक जिस रफ्तार से आगे बढ़ रही है, अब वह वक्त दूर नहीं जब “स्मार्टफोन” सिर्फ इतिहास की किताबों में नजर आएंगे. ऐसा कहना है टेक इंडस्ट्री के सबसे चर्चित और विवादित नाम एलन मस्क का.

The trend of smartphones will end by 2030 what did Elon Musk give the reason behind this
Image Source: Social Media/X

Smartphone Elon Musk 2030 Prediction: दुनिया की तकनीक जिस रफ्तार से आगे बढ़ रही है, अब वह वक्त दूर नहीं जब “स्मार्टफोन” सिर्फ इतिहास की किताबों में नजर आएंगे. ऐसा कहना है टेक इंडस्ट्री के सबसे चर्चित और विवादित नाम एलन मस्क का. मस्क ने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में दावा किया कि 2030 तक स्मार्टफोन पूरी तरह गायब हो जाएंगे, और उनकी जगह ऐसे एआई-आधारित गैजेट्स ले लेंगे जो इंसानों के दिमाग से सीधे जुड़कर काम करेंगे.

मस्क के मुताबिक, “हम अगले 5-6 सालों में अपनी पुरानी सोच छोड़ देंगे. स्मार्टफोन जैसी चीजें अप्रासंगिक हो जाएंगी. आने वाले डिवाइस आपके विचारों को पढ़ सकेंगे और आवाज या स्क्रीन के जरिए नहीं, बल्कि आपके दिमाग के संकेतों से कमांड लेंगे.”

भविष्य का नया चेहरा, एआई गैजेट्स जो सोच समझेंगे

एलन मस्क के अनुसार, भविष्य के ये एआई डिवाइस किसी स्मार्टफोन या लैपटॉप जैसे नहीं होंगे. बल्कि ये एक इंटेलिजेंट असिस्टेंट की तरह काम करेंगे, जो यूज़र के मूड, आदतों और जरूरतों को समझकर फैसले ले सकेंगे.

वे कहते हैं, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इतना विकसित हो जाएगा कि उसे यह जानने के लिए स्क्रीन या टच की ज़रूरत नहीं पड़ेगी कि आप क्या चाहते हैं. वह आपकी सोच के साथ सिंक हो जाएगा.”

ओपनएआई और परप्लेक्सिटी जैसी कंपनियाँ पहले ही कर रही हैं तैयारी

मस्क की यह बात सिर्फ कल्पना नहीं लगती, क्योंकि हाल ही में ओपनएआई और परप्लेक्सिटी जैसी कंपनियों ने ऐसे स्क्रीनलैस एआई डिवाइस पर काम शुरू कर दिया है, जो न तो पारंपरिक फोन होंगे और न ही किसी ओएस (Operating System) या ऐप्स पर निर्भर. ऐसे डिवाइस सीधे क्लाउड सर्वर से जुड़कर यूज़र की जरूरतों के हिसाब से तुरंत प्रतिक्रिया देंगे, चाहे वह कॉल करना हो, रास्ता बताना हो या खरीदारी करना.

क्या ऐप्स और ओएस बन जाएंगे बीते जमाने की बात?

मस्क के दावे से यह भी संकेत मिलता है कि भविष्य में ऐप्स और ऑपरेटिंग सिस्टम का अस्तित्व खत्म हो सकता है. ओपनएआई और परप्लेक्सिटी के नए एआई ब्राउज़र पहले ही बिना ऐप खोले खरीदारी या बुकिंग करने में सक्षम हैं. ऐसे में, अगर एआई आधारित गैजेट्स आम हो गए, तो फोन की स्क्रीन पर दिखने वाले आइकॉन, ऐप्स और ओएस सभी इतिहास बन सकते हैं.

जब एआई और इंसान का दिमाग जुड़ जाएगा

मस्क की कंपनी न्यूरालिंक (Neuralink) पहले से ही ब्रेन-चिप तकनीक पर काम कर रही है, जो इंसान के दिमाग को सीधे मशीन से जोड़ने का सपना देख रही है. उनका मानना है कि आने वाले दशक में यह तकनीक आम हो जाएगी. इस स्थिति में, यूज़र अपने विचारों के जरिए कॉल कर सकेंगे, मैसेज भेज सकेंगे या इंटरनेट सर्फ कर सकेंगे, बिना किसी स्क्रीन को छुए.

टेक्नोलॉजी की दिशा अब बदलने वाली है

मस्क की भविष्यवाणी सिर्फ टेक जगत के लिए नहीं, बल्कि पूरे डिजिटल इकोसिस्टम के लिए चेतावनी है. अगर उनका दावा सच हुआ, तो 2030 तक स्मार्टफोन “स्मार्ट” नहीं रहेंगे, और इंसान का दिमाग ही नई मशीन बन जाएगा.

यह भी पढ़ें- SpaceX अंतरिक्ष में बना रही इंसानों के लिए परमानेंट आशियाना, एलन मस्क ने कर दिया बड़ा ऐलान