मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव! ईरान ने अमेरिका से बातचीत रोकी, लेबनान पर इजरायली हमलों को बताया वजह

Iran US War: ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही बातचीत को फिलहाल रोकने का फैसला किया है. ईरान का कहना है कि जब तक लेबनान और गाजा से जुड़े उसके मुद्दों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह किसी भी तरह की कूटनीतिक बातचीत आगे नहीं बढ़ाएगा.

Tension increases in the Middle East Iran stopped talks with America cited Israeli attacks
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Iran US War: ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही बातचीत को फिलहाल रोकने का फैसला किया है. ईरान का कहना है कि जब तक लेबनान और गाजा से जुड़े उसके मुद्दों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह किसी भी तरह की कूटनीतिक बातचीत आगे नहीं बढ़ाएगा.

ईरान का आरोप है कि इजरायल लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है और लेबनान में हमले जारी रखे हुए है. ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान का मानना है कि इजरायल ने कई मोर्चों पर समझौतों का पालन नहीं किया है. इसी वजह से ईरानी वार्ताकारों ने मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के साथ हो रही बातचीत रोक दी है.

सीजफायर प्रयासों को झटका

ईरान के इस फैसले को अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे शांति प्रयासों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. माना जा रहा था कि दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ सकती है, लेकिन ताजा फैसले के बाद हालात फिर से तनावपूर्ण हो गए हैं.

इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चल रही अटकलों पर भी असर पड़ा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली है.

ईरान की क्या है शर्त?

ईरान का कहना है कि किसी भी सीजफायर या समझौते में सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि उसके सहयोगी देशों की गतिविधियां भी शामिल होनी चाहिए. तेहरान का साफ कहना है कि जब तक लेबनान और गाजा में इजरायली सैन्य कार्रवाई नहीं रुकती, तब तक आगे कोई बातचीत नहीं होगी.

आईआरजीसी की बढ़ी भूमिका

रिपोर्ट्स के अनुसार, अब ईरान की सुरक्षा और कूटनीतिक रणनीति में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की भूमिका पहले से ज्यादा बढ़ गई है. संगठन अब कई अहम फैसलों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है.

हमले और जवाबी कार्रवाई जारी

इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव भी बना हुआ है. अमेरिकी सेना का कहना है कि उसके एक ड्रोन को मार गिराए जाने के बाद उसने ईरान के कुछ सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की. वहीं ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उन्होंने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिका से जुड़े एक एयरबेस को निशाना बनाया.

फिलहाल दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता दिखाई दे रहा है. ऐसे में आने वाले दिनों में मध्य पूर्व की स्थिति पर दुनिया की नजर बनी रहेगी.

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