Swine Flu Cases: देश के कई हिस्सों में इन्फ्लुएंजा के मामलों में बढ़ोतरी के बीच दिल्ली में H1N1 संक्रमण ने चिंता बढ़ा दी है. नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के आंकड़ों के अनुसार, 20 अगस्त 2026 तक राजधानी में H1N1 के 1,777 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 229 थी. बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली के अस्पतालों ने फ्लू और उससे जुड़ी संभावित जटिलताओं से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं. कोलकाता और बेंगलुरु में भी हाल के दिनों में मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
नए स्ट्रेन को लेकर ICMR ने किया साफ
H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने स्पष्ट किया है कि संक्रमण में यह वृद्धि किसी नए स्ट्रेन के कारण नहीं है. ऐसे में विशेषज्ञों की सलाह है कि लोगों को घबराने के बजाय संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए. इसी कड़ी में कर्नाटक के स्वास्थ्य विभाग ने भी मौसमी इन्फ्लुएंजा के प्रसार को रोकने के लिए लोगों के लिए हेल्थ एडवाइजरी जारी की है.
खांसते और छींकते समय बरतें सावधानी
कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से खांसते या छींकते समय नाक और मुंह को अच्छी तरह ढकने की अपील की है. नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोने के साथ शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेने की सलाह दी गई है. जिन लोगों में स्वाइन फ्लू या इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण दिखाई दें, उन्हें संक्रमण के प्रसार को कम करने के लिए खुद को दूसरों से अलग रखने की सलाह दी गई है.
फ्लू के लक्षण हों तो भीड़ से रहें दूर
एडवाइजरी में लोगों को आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचने की सलाह दी गई है. बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा लेने से भी बचने को कहा गया है. फ्लू जैसे लक्षण होने पर हाथ मिलाने और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से परहेज करना जरूरी बताया गया है. इस्तेमाल किए गए रुमाल या नेपकिन को दोबारा इस्तेमाल न करने की सलाह भी दी गई है.
कर्नाटक में 4 हजार से ज्यादा मामले
कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (IHIP) के निगरानी आंकड़ों में 22 अगस्त 2026 तक राज्य के 32 जिलों में लैब से पुष्टि किए गए 4,212 इन्फ्लुएंजा-पॉजिटिव मामले दर्ज हुए हैं. साल 2025 में राज्य में ऐसे 4,583 मामले सामने आए थे, जबकि 2024 में यह संख्या 3,903 थी. विभाग फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भी 22 जुलाई तक 20 मामले दर्ज किए गए थे.
अस्पतालों को जरूरी संसाधन तैयार रखने के निर्देश
इन्फ्लुएंजा से निपटने के लिए कर्नाटक सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं को जरूरी संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. इनमें PPE किट, N95 मास्क और ओसेल्टामिविर जैसी जरूरी चीजें शामिल हैं. स्वास्थ्यकर्मियों को ILI यानी इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी और SARI यानी गंभीर सांस संबंधी संक्रमण की शुरुआती पहचान, जोखिम का आकलन और मरीजों के उचित प्रबंधन को लेकर भी जागरूक किया गया है.
निजी अस्पतालों को भी प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह
राज्य सरकार ने निजी स्वास्थ्य संस्थानों से H1N1 की जांच, टेस्टिंग और इलाज के लिए निर्धारित मानकों का पालन करने को कहा है. साथ ही IHIP के जरिए सभी मामलों की अनिवार्य रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. फिलहाल दिल्ली समेत कई शहरों में H1N1 और मौसमी इन्फ्लुएंजा के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, लेकिन ICMR के अनुसार इसका कारण कोई नया H1N1 स्ट्रेन नहीं है. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे घबराने के बजाय स्वच्छता, संक्रमण से बचाव और जरूरी सावधानियों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं.
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