नई दिल्ली: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को मंगलवार सुबह अचानक तबीयत खराब होने के बाद दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया. अस्पताल के डॉक्टर उनकी लगातार निगरानी कर रहे हैं और फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. कांग्रेस पार्टी की ओर से इस समय सोनिया गांधी के स्वास्थ्य को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन पार्टी के नेताओं ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है.
अस्पताल में भर्ती होने का विवरण
सोनिया गांधी पिछले कई वर्षों से स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना कर रही हैं. नियमित जांच और उपचार के लिए वे समय-समय पर अस्पताल जाती रही हैं. मंगलवार सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया. सर गंगाराम अस्पताल की टीम उनकी हालत का आंकलन कर रही है और आवश्यक परीक्षण कर रही है. अस्पताल सूत्रों के अनुसार, सोनिया गांधी की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और उन्हें आराम करने की सलाह दी गई है.
सोनिया गांधी की राजनीति में शुरुआत
सोनिया गांधी का राजनीतिक सफर औपचारिक रूप से 1997 में कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के साथ शुरू हुआ. उस समय पार्टी एक गहन संकट से गुजर रही थी. 1998 में उन्हें पहली बार कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया. उस समय कांग्रेस को कई राज्यों में हार का सामना करना पड़ रहा था और केवल मध्य प्रदेश, ओडिशा और मिजोरम में ही पार्टी सत्ता में थी.
संकट और विरोध का सामना
सोनिया गांधी का राजनीतिक उदय विवादों से भी जुड़ा रहा. मई 1999 में उनके विदेशी मूल पर पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने सवाल उठाए. उस समय सोनिया ने अस्थायी रूप से इस्तीफे की पेशकश की, लेकिन पार्टी के अंदर व्यापक समर्थन ने उन्हें मजबूती प्रदान की और उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद संभालना जारी रखा.
नेतृत्व और उपलब्धियां
सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने लगातार दो सामान्य चुनाव जीते और 2000 के दशक में 16 राज्यों में पार्टी की सरकारें बनीं. उनके कुशल नेतृत्व और संगठनात्मक कार्य ने पार्टी को कई राजनीतिक संकटों से उबारने में मदद की. 2017 में सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया, लेकिन उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता और मार्गदर्शक के रूप में अपनी भूमिका जारी रखी.
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