Russia Arms Export: रूस ने यूक्रेन युद्ध और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बीच भी हथियारों का निर्यात जारी रखा है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के मुताबिक, 2025 में रूस ने सैन्य उत्पादों के निर्यात से 15 अरब डॉलर से ज्यादा की विदेशी मुद्रा कमाई. रूस ने 30 से ज्यादा देशों को सैन्य सामान और हथियारों की सप्लाई की. हालांकि, SIPRI के 2021-25 के आंकड़ों के मुताबिक रूस दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा हथियार निर्यातक रहा.
रूस के हथियार निर्यात पर क्या आंकड़े हैं?
SIPRI के मुताबिक 2021 से 2025 के बीच रूस की वैश्विक हथियार निर्यात में हिस्सेदारी 6.8 प्रतिशत रही. इस दौरान रूस ने 30 देशों और एक गैर-सरकारी सशस्त्र समूह को बड़े हथियारों की सप्लाई की. रूस के हथियार निर्यात में एशिया और ओशिनिया का हिस्सा सबसे ज्यादा रहा.
रूस के हथियार निर्यात में पिछले कुछ सालों में गिरावट भी आई है. SIPRI के अनुसार 2016-20 की तुलना में 2021-25 के दौरान रूस के हथियार निर्यात में 64 प्रतिशत की कमी हुई. इसका एक कारण यूक्रेन युद्ध के दौरान अपनी सेना के लिए हथियारों की जरूरत बढ़ना भी बताया गया है.
रूस कौन-कौन से हथियार बेचता है?
रूस लंबे समय से लड़ाकू विमान, टैंक, एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइल जैसे सैन्य सामान का बड़ा निर्यातक रहा है. उसके प्रमुख हथियारों में सुखोई सीरीज के लड़ाकू विमान, टी-90 और टी-72 टैंक, एस-400 और एस-300 जैसे एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हैं.
रूस की हथियार इंडस्ट्री में घरेलू मांग भी काफी बढ़ी है. SIPRI के मुताबिक 2024 में रूस की दो बड़ी हथियार कंपनियों की कुल हथियार बिक्री 31.2 अरब डॉलर रही, जो पिछले साल के मुकाबले 23 प्रतिशत ज्यादा थी.
भारत, चीन और बेलारूस रूस के बड़े खरीदार
SIPRI के 2021-25 के आंकड़ों के अनुसार रूस के हथियार निर्यात का सबसे बड़ा हिस्सा भारत को गया. इस अवधि में रूस के कुल हथियार निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 48 प्रतिशत रही. चीन और बेलारूस दोनों की हिस्सेदारी 13-13 प्रतिशत रही. यानी रूस के करीब तीन-चौथाई हथियार निर्यात इन तीन देशों को हुआ.
हालांकि, भारत अब अपने हथियारों के स्रोतों में बदलाव कर रहा है. SIPRI के मुताबिक 2021-25 में भारत के हथियार आयात में रूस की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत रही, जो 2016-20 के 51 प्रतिशत से कम है.
प्रतिबंधों के बावजूद जारी है हथियारों का कारोबार
यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों और रूस की अपनी सेना की बढ़ी जरूरतों का असर उसके हथियार निर्यात पर पड़ा है. इसके बावजूद रूस अभी भी दुनिया के बड़े हथियार निर्यातकों में शामिल है. SIPRI के आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका 2021-25 में 42 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ा हथियार निर्यातक रहा, जबकि फ्रांस दूसरे और रूस तीसरे स्थान पर रहा.