हाथों में राइफलें, चेहरे पर नकाब और ट्रंप को संदेश... दो जहाजों पर ईरानी कब्जे का वीडियो आया सामने

IRGC Ship Seizure: मध्य पूर्व के अहम समुद्री रास्ते होर्मुज जलडमरूमध्य से एक चिंताजनक खबर सामने आई है. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें भारतीय दिशा में जा रहे कुछ जहाजों को रोकते हुए दिखाया गया है. इस घटना के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया है.

Rifles in hands mask on face and message to Trump Video of Iranian capture of two ships surfaced
Image Source: Social Media

IRGC Ship Seizure: मध्य पूर्व के अहम समुद्री रास्ते होर्मुज जलडमरूमध्य से एक चिंताजनक खबर सामने आई है. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें भारतीय दिशा में जा रहे कुछ जहाजों को रोकते हुए दिखाया गया है. इस घटना के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया है.

वीडियो में देखा जा सकता है कि स्पीड बोट पर सवार ईरानी सैनिक जहाजों के करीब पहुंचते हैं. उनके चेहरे ढके हुए हैं और हाथों में राइफलें हैं. इसके बाद वे जहाजों पर चढ़ते नजर आते हैं. बताया जा रहा है कि जिन जहाजों को रोका गया, उनमें एपामिनोंडास और एमएससी फ्रांसेस्का शामिल हैं. ये दोनों जहाज भारत की ओर जा रहे थे.

चेतावनी के बाद की गई फायरिंग

ईरान से जुड़े मीडिया के मुताबिक, एपामिनोंडास जहाज को पहले चेतावनी दी गई थी. लेकिन जब वह नहीं रुका, तो उस पर फायरिंग की गई. इसी तरह यूफोरिया नाम के एक और जहाज पर भी गोलीबारी की खबर है, जिसके बाद वह रुक गया. एमएससी फ्रांसेस्का को भी निशाना बनाया गया और उसे रोक लिया गया.

ईरान का क्या कहना है

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बयान में कहा कि उन्होंने दो जहाजों को नियमों का उल्लंघन करने के कारण रोका है. उनका आरोप है कि एमएससी फ्रांसेस्का का संबंध “जायोनिस्ट शासन” से है. 

वहीं एपामिनोंडास पर आरोप लगाया गया कि उसने अपने नेविगेशन सिस्टम में छेड़छाड़ की, जिससे समुद्री सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ. ईरान ने साफ कहा है कि होर्मुज में किसी भी तरह के नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह उसके लिए “रेड लाइन” है.

युद्धविराम के बीच बढ़ी चिंता

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच अस्थायी युद्धविराम को आगे बढ़ाने की बात कही है. एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान समझौता करता है, तो वह और मजबूत देश बन सकता है. उन्होंने ईरान से समझदारी और व्यावहारिक रवैया अपनाने की अपील भी की.

ईरान की प्रतिक्रिया

दूसरी ओर, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने अमेरिका पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि असली बातचीत में रुकावट अमेरिका की नीतियों और दबाव की वजह से आ रही है. वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघाई ने कहा है कि बातचीत को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है.

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका जल्द ही नई बातचीत शुरू करना चाहता है और अगले 36 से 72 घंटों में इस दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं. हालांकि ईरान की तरफ से अभी तक कोई स्पष्ट सहमति नहीं मिली है.

क्यों अहम है यह मामला

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और व्यापारिक सामान गुजरता है. ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव पूरे विश्व पर असर डाल सकता है. फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में हालात शांत होते हैं या तनाव और बढ़ता है.

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