'कुत्ते-बिल्लियों की तरह न लड़ें हम', Rameshwaram cafe blast पर राजनीति को लेकर बोले कर्नाटक के मंत्री

Rameshwaram cafe blast : भाजपा द्वारा पश्चिम बंगाल को आतंकवादियों के लिए सुरक्षित 'पनाहगाह' कहने पर जी परमेश्वर ने कहा कि इसे हमें जांच एजेंसियों पर छोड़ देना चाहिए और भाजपा को इस तरह की राजनीति करने में शामिल नहीं होना चाहिए.

'कुत्ते-बिल्लियों की तरह न लड़ें हम', Rameshwaram cafe blast पर राजनीति को लेकर बोले कर्नाटक के मंत्री
कर्नाटक के गृहमंत्री जी परमेश्वर मीडिया से बात करते हुए | Photo- ANI

बेंगलुरु (कर्नाटक) : बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में आईईडी विस्फोट की घटना में कथित तौर से शामिल होने को लेकर एनआईए ने दो आरोपियों की गिरफ्तारी की है, जिसके एक दिन बाद कर्नाटक के गृहमंत्री जी परमेश्वर ने शनिवार को कहा कि जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि गिरफ्तार आरोपियों का अन्य आतंकी संगठनों से कोई संबंध था या नहीं.

परमेश्वर ने यह भी कहा कि जांच एजेंसियां इस बात की पुष्टि करेंगी कि आरोपी बांग्लादेश भागने की कोशिश कर रहे थे या नहीं, क्योंकि ऐसी आशंका थी कि वे ऐसा करने की कोशिश कर रहे थे.

परमेश्वर ने कहा, "मामले में हम विस्फोट के पीछे के असली मकसद और अन्य आतंकी संगठनों (आईएसआईएस) के साथ उनके शामिल होने की जांच कर रहे हैं, क्योंकि माना जाता है कि ये दोनों (आरोपी) पहले शिवमोग्गा विस्फोट में शामिल थे और गिरफ्तार होने से पहले तीन से चार दिनों तक भागते रहे थे." 

उन्होंने कहा, "इस बिंदु पर, अभी हमारे पास कोई खास इनपुट नहीं है, लेकिन यह संभव है कि वे देश से भागना चाहते थे क्योंकि वे पश्चिम बंगाल में पकड़े गए थे, जो बांग्लादेश के साथ एक सीमावर्ती राज्य है. क्या कोई उस तरफ (बांग्लादेश) से मदद कर रहा है) उचित समय पर पता चल जाएगा."

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जी परमेश्वर ने राज्य पुलिस की तारीफ की

इसके अलावा, कर्नाटक के गृहमंत्री ने अच्छा काम करने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और राज्य पुलिस की सराहना की और कहा कि उन्हें उनके काम पर गर्व है.

उन्होंने बताया, "एनआईए और कर्नाटक राज्य पुलिस दोनों ने अद्भुत काम किया है. शुरुआत में, हमें सभी सीसीटीवी फुटेज मिले और एक आरोपी पर नज़र रखी, जिससे उनकी गिरफ्तारी में मदद मिली. हमारी पुलिस ने एनआईए के साथ बहुत अच्छे इनपुट साझा किए, जैसे कि कैप, जिसे आरोपी ने पहन रखा है, वह चेन्नई से खरीदा गया था, और उसने दुकान में जो टेलीफोन नंबर दिया है.''

परमेश्वर ने विस्फोट की घटना पर अफसोस जताया कि दोनों आरोपी भी उनके गृह राज्य से हैं.

उन्होंने कहा, "दुर्भाग्य से, यह बेंगलुरु में हुआ, और वे दोनों कर्नाटक के शिवमोगा से हैं और उन्होंने एक साथ पढ़ाई की थी, जैसा कि मुझे बताया गया था."

आतंक के खिलाफ कुत्ते-बिल्लियों की तरह नहीं, मिलकर लड़ना होगा

जब उनसे पूछा गया कि भाजपा द्वारा पश्चिम बंगाल को आतंकवादियों के लिए सुरक्षित 'पनाहगाह' कहा जा रहा है, क्योंकि आरोपियों को कोलकाता में गिरफ्तार किया गया था, तो उन्होंने कहा, ''इसे हमें जांच एजेंसियों पर छोड़ देना चाहिए, और भाजपा को इस तरह की राजनीति करने में शामिल नहीं होना चाहिए."

उन्होंने कहा, "ऐसे मामलों में जहां देश की आंतरिक सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हों, हम सभी को मिलकर काम करना चाहिए. हम कुत्तों और बिल्लियों की तरह नहीं लड़ सकते, हमें लड़ाई मिलकर लड़नी होगी."

रामेश्वरम कैफे विस्फोट घटना के दो प्रमुख संदिग्धों, जिनकी पहचान अदबुल मथीन ताहा और मुसाविर हुसैन शाजेब के रूप में हुई है, को एनआईए ने शुक्रवार को कोलकाता से गिरफ्तार किया था.

उनकी गिरफ्तारी के बाद, उन्हें शुक्रवार को कोलकाता में एनआईए अदालत में पेश किया गया और एजेंसी को आरिपियों की तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मिल गई है.

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