ये है 'Real Kerala story'- सऊदी में मौत की सजा पाए शख्स को बचाने के लिए केरलवासियों ने 34 करोड़ जुटाए, CM विजयन ने सराहा

CM Vijayan praises Keralites for crowdfunding : एक लीगल समिति ने पैसा जुटाने के लिए 'SAVEABDULRAHIM' नाम से ऐप बनाया था. ऐप के माध्यम से 30 करोड़ रुपये से अधिक जुटाए गए, जिसे ऑफलाइन जुटाए गए धन के साथ जोड़ा गया.

ये है 'Real Kerala story'- सऊदी में मौत की सजा पाए शख्स को बचाने के लिए केरलवासियों ने 34 करोड़ जुटाए, CM विजयन ने सराहा
सऊदी में मौत की सजा पाया केरल का शख्स अब्दुल रहीम | Photo- ANI

कोझिकोड (केरल) : केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने दुनिया भर के मलयाली लोगों के प्रयासों की सराहना की है, जिन्होंने कोझीकोड मूल निवासी की रिहाई के लिए क्राउड-फंडिंग अभियान के माध्यम से 35.45 करोड़ रुपये जुटाने के लिए एकजुट होकर रैली की. अब्दुल रहीम, जो कि 18 साल से अधिक समय से सऊदी अरब की जेल में बंद हैं और उन्हें मौत की सज़ा सुनाई गई है.

विजयन ने सोशल मीडिया पर कहा, "जब राज्य के खिलाफ नफरत झूठ का प्रचार फैलाया जाता है, तो मलयाली मानवता और परोपकार की कहानियों के से अपना बचाव कर रहे हैं. कोझिकोड के मूल निवासी अब्दुल रहीम की रिहाई के लिए, जिन्हें सऊदी अरब मौत की सजा सुनाई गई है तो सऊदी अरब, दुनिया भर के मलयाली लोगों ने हाथ मिलाया और 34 करोड़ रुपये जमा किए हैं.”

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अब्दुल की गलती से 15 साल के विकलांग की हुई है मौत

अब्दुल रहीम ने एक सऊदी नागरिक के घर ड्राइवर थे और 15 वर्षीय विकलांग लड़के की देखभाल करते थे. रहीम ने एक दिन लड़के के साथ यात्रा करते दुर्भाग्यपूर्ण कदम उठाया, तब जब उसने लाल बत्ती पर वाहन को रोका और लड़के ने रेड सिग्नल पार करने की मांग की, तो उसने गलती से लड़के के शरीर से जुड़े जीवन-रक्षक उपकरण की ट्यूब को झटका और उखाड़ दिया, जिसके बाद लड़का बेहोश हो गया और मर गया.

रहीम को इस हत्या के लिए सऊदी कानून के तहत 2018 में मौत की सजा सुनाई गई थी और हालांकि पीड़ित का परिवार आखिरी क्षण तक मौत की सजा पर अड़ा था, लेकिन आखिर में वे 'ब्लड मनी' के तौर पर 15 मिलियन सऊदी रियाल की भुगतान करने पर उसे माफ करने पर सहमत हो गए थे. 

अब्दुर रहीम को बचाने के लिए क्राउडफंडिंग करने का अभियान चलाने वाली कानूनी कार्रवाई समिति ने राज्य के लोगों को धन्यवाद दिया और कहा कि धन जुटाना बंद कर दिया गया है और कोई भी अब और पैसा न भेजे.

सीएम विजयन ने इसे 'मानव प्रेम का एक महान' उदाहरण बताया

समिति ने राशि एकत्र करने के लिए 'SAVEABDULRAHIM' नाम से एक ऐप बनाया था. ऐप के माध्यम से 30 करोड़ रुपये से अधिक एकत्र किए गए, यह धन जुटाने का टारगेट ऑफ़लाइन मिले राशि को जोड़कर जुटाया गया.

यह सोशल मीडिया अभियान अब्दुल रहीम की रिहाई में सहायता के लिए पोस्ट और अनुरोधों के जरिए चलाया गया. कई प्रभावशाली लोगों, एनआरआई, व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने 18 साल बाद उनकी (अब्दुल रहीम) घर वापसी सुनिश्चित करने के लिए सोशल मीडिया पर अभियान चलाया.

समिति ने कहा कि वह 15 अप्रैल की समय सीमा से पहले रहीम की रिहाई सुनिश्चित करने में मदद के लिए रियाद में भारतीय दूतावास से संपर्क करेगी.
केरल के मुख्यमंत्री ने भी इस पहल को 'मानव प्रेम का एक महान उदाहरण' कहा.

"उन्होंने एक मानव जीवन को बचाने के लिए, एक परिवार के आंसू रोकने के लिए किया. यही 'असली केरला स्टोरी' है. यह एक सशक्त घोषणा है कि केरल भाईचारे का किला है जिसे सांप्रदायिकता से नहीं तोड़ा जा सकता है. हम सभी की इस सद्भावना की दिल से सराहना करते हैं कि लोग इस उद्देश्य के लिए एकजुट हुए हैं, जिसने केरल को दुनिया के सामने गौरवान्वित किया है. इस पहल के पीछे प्रवासी मलयाली लोगों की भूमिका सराहनीय है, आइए हम इस एकता के लिए एक मन से और मजबूत होकर आगे बढ़ें."

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