LAC पर चीन से टकराव को लेकर विदेश मंत्रालय का जवाब, कहा - तय गश्त से हटती है PLA तो...

अरुणाचल प्रदेश सीमा पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच टकराव की स्थिति को लेकर दिए गए आईटीबीपी के महानिदेशक के बयान पर विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है.

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अरुणाचल प्रदेश सीमा पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच टकराव की स्थिति को लेकर दिए गए आईटीबीपी के महानिदेशक के बयान पर विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है. मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में स्थिति तब बिगड़ती है, जब चीन की सेनाएं अपनी निर्धारित गश्त प्रक्रिया से हट जाती हैं. उन्होंने कहा कि सीमा पर लंबित मुद्दों को सुलझाने और किसी भी तरह की गलतफहमी या गलत आकलन से बचने के लिए दोनों देश मौजूदा राजनयिक और सैन्य व्यवस्थाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं.

LAC पर स्थिति को लेकर क्या बोला विदेश मंत्रालय?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों पक्ष वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत जारी रखे हुए हैं. उन्होंने बताया कि किसी भी तरह की गलतफहमी या गलत आकलन से बचने के लिए मौजूदा राजनयिक और सैन्य तंत्र का उपयोग किया जा रहा है. इसके अलावा, दोनों पक्ष सीमा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में LAC को लेकर आपसी समझ विकसित करने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए सहमत हुए हैं. जायसवाल ने इस बात पर भी जोर दिया कि द्विपक्षीय संबंधों के लिए सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना आवश्यक है.

ITBP DG शत्रुजीत कपूर ने क्या कहा था?

दरअसल, आईटीबीपी के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने कहा था कि पिछले कुछ समय में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) और भारतीय सैनिकों का कई बार आमना-सामना हुआ है. उन्होंने टकराव की स्थिति बनने का भी जिक्र किया और कहा कि आईटीबीपी ने इन परिस्थितियों का बेहतर तरीके से मुकाबला किया. कपूर ने बल के जवानों की बहादुरी की तारीफ भी की थी. उनके बयान के बाद चीन के साथ भारत के संबंधों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई और विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा.

ईरान को जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति पर क्या कहा?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ईरान को जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति को लेकर भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि भारत ईरान को जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति में लगातार मदद कर रहा है. क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण दोनों देशों के बीच उड़ान संपर्क को लेकर कई चुनौतियां पैदा हुई हैं. उन्होंने बताया कि भारत मानवीय दृष्टिकोण से दवाओं की आपूर्ति को सुगम बनाने के लिए ईरान के संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है. मंत्रालय के अनुसार, इस प्रक्रिया में मानवीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सहयोग जारी रखा जा रहा है. 

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