RBSE 12th Board Topper Divya Bhadu: राजस्थान बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (RBSE) ने 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है, और इस बार 96.23% स्टूडेंट्स पास हुए हैं. इस साल 5 स्टूडेंट्स संयुक्त रूप से टॉपर बने हैं, जिन्होंने 500 में से 499 अंक हासिल किए हैं. राजस्थान बोर्ड में टॉप करने वाले इन स्टूडेंट्स में बाड़मेर की दिव्या भादू भी शामिल हैं. खास बात यह है कि दिव्या का गांव पाकिस्तान बॉर्डर से सिर्फ 1 किलोमीटर दूर है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनके गांव को भी खाली करने की तैयारी थी. अब दिव्या ने 12वीं बोर्ड में टॉप कर अपने गांव और परिवार का नाम रोशन किया है.
आइए जानते हैं दिव्या भादू ने ऑपरेशन सिंदूर और गांव को खाली कराने की खबर के बारे में क्या बताया. साथ ही, यह भी जानेंगे कि दिव्या का एक नंबर किस विषय में कटा है, उनके परिवार के बारे में, और उनका भविष्य में क्या करना है.
दिव्या का गांव और ऑपरेशन सिंदूर की तैयारी
दिव्या भादू बाड़मेर जिले के कृष्ण का तला गांव की रहने वाली हैं, जो पाकिस्तान बॉर्डर से सिर्फ 1 किलोमीटर दूर है. एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में दिव्या ने बताया कि उनके खेत पाकिस्तान बॉर्डर के पास हैं. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, दिव्या सीकर के हॉस्टल में रहकर अपनी पढ़ाई कर रही थी. इस दौरान उन्हें सूचना मिली कि उनके गांव को खाली कराया जा सकता है. पहले पास के कुछ गांवों को खाली कराया जा चुका था, और यही खबर दिव्या के लिए चिंता का कारण बन गई थी. हालांकि, अगले दिन सूचना आई कि उनके गांव को अब खाली नहीं किया जाएगा, और इस तरह उनकी चिंता दूर हो गई.
दिव्या का परिवार
दिव्या की मां, द्रौपदी देवी, एक गृहणी हैं, और उनके पिता, सुजाराम भादू, सहायक ग्राम विकास अधिकारी (Assistant Gram Vikas Adhikari) के तौर पर काम करते हैं. दिव्या ने अपनी 12वीं की पढ़ाई शेखावती स्कूल लोसेल, सीकर से की थी. दिव्या का कहना है कि उनके गांव के कई बच्चे इस स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं. दिव्या ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है, जिनके समर्थन से वह यह मुकाम हासिल कर पाई हैं.
दिव्या की सफलता और भविष्य की योजना
दिव्या भादू ने राजस्थान 12वीं बोर्ड परीक्षा में 500 में से 499 अंक प्राप्त किए हैं. उन्होंने इंग्लिश, फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में 100 में से 100 अंक हासिल किए हैं, जबकि हिंदी में 100 में से 99 अंक मिले हैं. यानी, उन्हें सिर्फ हिंदी में 1 अंक कम मिला है. अब दिव्या का लक्ष्य है कि वह आईएएस (IAS) बने. उन्होंने कहा कि उनकी सफलता का मुख्य कारण उनकी मेहनत, परिवार का सहयोग और अच्छे शिक्षकों का मार्गदर्शन है.
इस तरह, दिव्या भादू ने न केवल अपनी मेहनत से राजस्थान में टॉप किया, बल्कि अपने परिवार और गांव का नाम भी रोशन किया. अब वह अपने भविष्य के लिए और भी बड़ी सफलता की ओर कदम बढ़ा रही हैं.
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