Pakistan Terrorism: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने देश में मौजूद आतंकवादी संगठनों को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों को पाकिस्तान के लिए भी खतरा बताया है. आसिफ को डर है कि इन संगठनों की वजह से कहीं पाकिस्तान की स्थिति सीरिया और इराक जैसी न हो जाए.
ख्वाजा आसिफ को सता रहा डर
ख्वाजा आसिफ ने हम न्यूज के पॉडकास्ट में पत्रकार जाहिद गिश्कोरी से बातचीत के दौरान पाकिस्तान में सक्रिय मिलिशिया और आतंकवादी संगठनों पर बात की. उन्होंने कहा कि ऐसे लोग हथियार उठाते हैं और समय के साथ अपना रूप बदल लेते हैं. कभी वे अमेरिका की लड़ाई लड़ते हैं तो कभी अपने हिसाब से किसी और संघर्ष का हिस्सा बन जाते हैं.
आसिफ ने इन संगठनों को फ्रेंचाइजी बताते हुए सीरिया और इराक का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भी इस बात का डर है कि कहीं उसके साथ ऐसा न हो जाए. उनके मुताबिक, ऐसे संगठन सेना की ताकत को भी कमजोर करते हैं.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने जैश और लश्कर जैसे संगठनों की तुलना ऐसी मिसाइलों से की, जो अपने ही देश के लिए खतरा बन सकती हैं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को ऐसी मिलिशिया की जरूरत नहीं है, क्योंकि ये ‘अनगाइडेड मिसाइल’ की तरह हैं और इनके ऊपर किसी का पूरा नियंत्रण नहीं होता. यह पॉडकास्ट 15 सितंबर को जारी किया गया था.
शहबाज शरीफ ने भी कही थी ऐसी बात
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का 2025 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिया गया भाषण भी एक बार फिर चर्चा में है. यह चर्चा उनके 2026 के UNGA भाषण से पहले हो रही है.
26 सितंबर 2025 को 80वीं UN जनरल असेंबली में बोलते हुए शरीफ ने कहा था कि अगर पाकिस्तान ने इन आतंकवादियों का सामना नहीं किया होता, तो वे न्यूयॉर्क और लंदन की सड़कों पर घूम रहे होते और शायद सुदूर पूर्व तक पहुंच गए होते. उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान के संघर्ष को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए यह बात कही थी.
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