Pakistan Navy Sir Creek: उत्तर अरब सागर में 15 सितंबर को भारत और पाकिस्तान की नौसेना के जहाजों के बीच टक्कर की घटना हुई. भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS कोलकाता नियमित तैनाती पर था, तभी पाकिस्तानी नौसेना का PNS हुनैन उसके काफी करीब आ गया. भारत के मुताबिक, पाकिस्तानी जहाज ने तेज रफ्तार में खतरनाक तरीके से ओवरटेक करने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों जहाजों के बीच टक्कर हो गई.
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर पाकिस्तान के चार्ज डी अफेयर्स को तलब कर विरोध दर्ज कराया. भारत ने कहा कि PNS हुनैन का व्यवहार 1991 के भारत-पाकिस्तान समझौते के अनुच्छेद 10 के खिलाफ था. इस नियम के तहत अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में दोनों देशों के नौसैनिक जहाजों को एक-दूसरे से कम से कम तीन समुद्री मील की दूरी बनाए रखनी होती है. भारत ने यह भी कहा कि घटना में INS कोलकाता को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और वह समुद्र में अपनी तैनाती पर बना रहा.
पाकिस्तान ने इस घटना को अलग तरीके से बताया है. उसके मुताबिक, भारतीय जहाज ने पाकिस्तानी युद्धाभ्यास के इलाके के पास आकर आक्रामक तरीके से कार्रवाई की, जिसके बाद टक्कर हुई. यानी घटना को लेकर दोनों देशों के दावे एक-दूसरे से अलग हैं.
सर क्रीक के पास पाकिस्तानी नौसेना का युद्धाभ्यास
यह घटना उस समय हुई जब पाकिस्तान की नौसेना SEASPARK-26 नाम से अपना बड़ा नौसैनिक अभ्यास कर रही थी. इस अभ्यास में नौसेना के साथ दूसरे सैन्य संसाधनों और अलग-अलग तरह के प्लेटफॉर्म की भागीदारी की गई. अभ्यास का मकसद समुद्र में सैन्य तैयारी और अलग-अलग परिस्थितियों में ऑपरेशन करने की क्षमता को परखना था.
पाकिस्तान के मुताबिक, PNS हुनैन इसी अभ्यास के दौरान इलाके में तैनात था. दूसरी तरफ भारत का कहना है कि INS कोलकाता नियमित तैनाती पर था. इसी दौरान दोनों जहाज आमने-सामने आए और उनके बीच टक्कर हो गई.
समुद्र में दोनों देशों की नौसेनाओं की मौजूदगी के बीच हुई यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से ही समुद्री सीमा और सुरक्षा को लेकर संवेदनशील स्थिति रहती है. ऐसे में नौसैनिक जहाजों के बीच सुरक्षित दूरी और तय नियमों का पालन करना काफी अहम माना जाता है.
चीनी मॉडल की नकल का दावा
पाकिस्तान की समुद्री रणनीति को लेकर कुछ रक्षा विश्लेषकों ने चीन की 'ग्रे जोन' रणनीति से इसकी तुलना की है. इस रणनीति में बिना सीधे सैन्य संघर्ष के समुद्र में अपनी मौजूदगी और दबाव बढ़ाने की कोशिश की जाती है. हालांकि पाकिस्तान के इरादों को लेकर किए गए ऐसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
पाकिस्तान अपने समुद्री क्षेत्र और एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन (EEZ) में गतिविधियां बढ़ाता रहा है. सर क्रीक जैसे संवेदनशील इलाकों में दोनों देशों के बीच लंबे समय से विवाद रहा है. इसलिए यहां होने वाली किसी भी सैन्य गतिविधि पर भारत और पाकिस्तान दोनों की नजर रहती है.
पाकिस्तान के नौसैनिक अभ्यास में ड्रोन और बिना इंसानी चालक वाले दूसरे प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है. ऐसे सिस्टम निगरानी, समुद्री क्षेत्र पर नजर रखने और अलग-अलग सैन्य अभियानों में इस्तेमाल किए जा सकते हैं.
भारतीय नौसेना भी पूरी तरह सतर्क
अरब सागर में हुई इस घटना के बाद भारत ने साफ किया है कि समुद्र में काम करने वाले सैन्य जहाजों को अंतरराष्ट्रीय नियमों और दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का पालन करना चाहिए. विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सावधानी बरतने को कहा है.
INS कोलकाता को घटना में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और भारतीय पक्ष के अनुसार वह समुद्र में अपनी जिम्मेदारी निभाता रहा. फिलहाल इस घटना को लेकर दोनों देशों के आधिकारिक दावे अलग-अलग हैं, लेकिन टक्कर ने उत्तर अरब सागर में दोनों नौसेनाओं की गतिविधियों और समुद्री सुरक्षा को लेकर एक बार फिर ध्यान खींचा है.
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