चांद पर इंसानों की बस्ती का सपना होगा सच, NASA के Artemis-2 मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों ने बताया रोडमैप

नासा का आर्टेमिस-2 मिशन अपनी ऐतिहासिक यात्रा पूरी करने के बाद शुक्रवार को प्रशांत महासागर में सुरक्षित उतर गया. इस मिशन के चार अंतरिक्ष यात्रियों ने चांद पर 10 दिन बिताए और अब वे पृथ्वी पर लौट चुके हैं.

Now human settlement on the Moon NASA Artemis-2 Mission astronauts share plan
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वॉशिंगटन: नासा का आर्टेमिस-2 मिशन अपनी ऐतिहासिक यात्रा पूरी करने के बाद शुक्रवार को प्रशांत महासागर में सुरक्षित उतर गया. इस मिशन के चार अंतरिक्ष यात्रियों ने चांद पर 10 दिन बिताए और अब वे पृथ्वी पर लौट चुके हैं. इस सफल मिशन के बाद नासा के वैज्ञानिकों ने चंद्रमा पर इंसानी बस्ती बसाने के अपने अगले बड़े लक्ष्य का खुलासा किया है. चंद्रमा पर मानवों की वापसी और भविष्य में वहां स्थायी बस्ती स्थापित करने के उद्देश्य से यह मिशन महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है.

1972 के बाद चांद पर मानवों की पहली उड़ान

आर्टेमिस-2 मिशन, 1972 में हुए अपोलो-17 मिशन के बाद चंद्रमा पर इंसानों द्वारा की गई पहली उड़ान थी. इस मिशन ने न केवल चांद तक यात्रा करने का मार्ग खोल दिया है, बल्कि नासा के अंतरिक्ष प्रक्षेपण उपकरणों की भी परख की है. मिशन के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नासा के भारतीय मूल के सहायक प्रशासक अमित क्षत्रिय ने कहा, "अब चंद्रमा तक का रास्ता खुल चुका है, लेकिन आगे का काम ज्यादा चुनौतीपूर्ण और कठिन है."

11 लाख किलोमीटर की यात्रा

आर्टेमिस-2 मिशन ने 11 लाख किलोमीटर से अधिक की यात्रा की, जो नासा के नए अंतरिक्ष प्रक्षेपण प्रणाली (SLS) रॉकेट और ओरियन क्रू कैप्सूल का पहला मानवयुक्त परीक्षण मिशन था. मिशन ने साबित कर दिया कि नासा के उपकरण अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की कक्षा से बाहर भेजने और सुरक्षित वापस लाने में सक्षम हैं. उड़ान निदेशक रिक हेनफ्लिंग ने इस सफलता पर कहा, "हमारी टीम ने सटीकता से अपने लक्ष्य को साधा, और यह केवल किस्मत नहीं, बल्कि हजारों लोगों की मेहनत का परिणाम था."

चांद के अनदेखे हिस्से का अवलोकन 

मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा के उस हिस्से का अवलोकन किया, जिसे पहले कभी मानव ने नहीं देखा था. इसके अलावा, उन्होंने पूर्ण सूर्यग्रहण का भी अनुभव किया, जो इस मिशन का एक और ऐतिहासिक पहलू था. इस यात्रा ने वैज्ञानिकों को चंद्रमा और इसके आसपास के क्षेत्र के बारे में नई जानकारी प्रदान की है.

चांद पर इंसानी बस्ती की स्थापना

आर्टेमिस-2 मिशन की सफलता के बाद नासा का अगला कदम आर्टेमिस-3 मिशन है, जिसमें चंद्रमा की सतह पर मानव उतारने और वहां दीर्घकालिक बस्ती स्थापित करने की योजना है. यह बस्ती भविष्य में मंगल ग्रह और उससे आगे के मिशनों के लिए ‘लॉन्च पैड’ के रूप में काम करेगी. नासा के वैज्ञानिकों का कहना है कि चांद पर मानवों की स्थायी उपस्थिति से सौरमंडल की अन्य जगहों तक यात्रा संभव हो सकेगी.

चंद्रमा पर वापसी और सौरमंडल की नई खोज

आर्टेमिस-2 मिशन ने केवल तकनीकी दृष्टिकोण से सफलता हासिल नहीं की, बल्कि इसने मानवता के चंद्रमा पर वापसी और सौरमंडल की खोज के नए युग की शुरुआत की है. नासा के वरिष्ठ सलाहकार अमित क्षत्रिय ने इस मिशन को "नए युग की शुरुआत" बताया और कहा, "यह मिशन न केवल तकनीकी सफलता है, बल्कि मानव जाति के लिए नई खोजों की ओर एक कदम है."

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