Census 2027: जनगणना 2027 की तारीखों का ऐलान, 5 चुनावी राज्यों को छूट, 95 साल बाद जाति पूछी जाएगी

भारत में जनगणना 2027 को लेकर तारीखों की घोषणा कर दी गई है. जनगणना आयुक्त के मुताबिक, कुछ राज्यों और बर्फबारी वाले इलाकों को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक जनगणना का काम किया जाएगा.

Census 2027 Dates announced 5 poll-bound states exempted January 25 to February 28
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

Census 2027: भारत में जनगणना 2027 को लेकर तारीखों की घोषणा कर दी गई है. जनगणना आयुक्त के मुताबिक, कुछ राज्यों और बर्फबारी वाले इलाकों को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक जनगणना का काम किया जाएगा. इसके बाद 1 मार्च से 5 मार्च तक आंकड़ों में सुधार के लिए संशोधन राउंड चलेगा. 95 साल बाद यानी 1931 के बाद पहली बार देश में जाति की गिनती हो रही है.

भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण की ओर से जारी नोटिफिकेशन में इसकी जानकारी दी गई है. इसके अनुसार, मणिपुर (अगली घोषणा तक), गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर के बर्फबारी वाले इलाकों में जनगणना की तारीखें अलग होंगी. इन क्षेत्रों को छोड़कर बाकी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तय समय पर जनगणना कराई जाएगी.

घर बैठे खुद दर्ज कर सकेंगे अपनी जानकारी

इस बार लोगों को अपनी जानकारी खुद दर्ज करने का विकल्प भी मिलेगा. इसके लिए 10 जनवरी से 24 जनवरी 2027 तक का समय तय किया गया है. यह सुविधा घर-घर जाकर जनगणना का काम शुरू होने से पहले उपलब्ध होगी. इसके बाद 25 जनवरी से जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.

2011 में हुई थी पिछली जनगणना

भारत में पिछली जनगणना साल 2011 में हुई थी. इसके बाद 2021 में अगली जनगणना होनी थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसे टाल दिया गया. जनगणना के जरिए देश की कुल आबादी के साथ-साथ लोगों की शिक्षा, लिंग अनुपात और दूसरी जरूरी जानकारियां जुटाई जाती हैं. इन आंकड़ों का इस्तेमाल सरकार योजनाएं बनाने और संसाधनों का सही बंटवारा करने के लिए करती है.

दो चरणों में हुई थी 2011 की जनगणना

साल 2011 में जनगणना का काम दो चरणों में पूरा किया गया था. पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2010 के बीच हुआ था. इसमें घरों की सूची तैयार करने और मकानों से जुड़ी जानकारी जुटाई गई थी. वहीं, दूसरे चरण में 9 से 28 फरवरी 2011 तक लोगों की गिनती की गई थी. इसके बाद 1 से 5 मार्च तक संशोधन राउंड चलाया गया था.

2011 की जनगणना में जुटाए गए थे कई अहम आंकड़े

जनगणना 2011 भारत का 15वां राष्ट्रीय जनगणना सर्वे था. उस समय सी. चंद्रमौली रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त थे. इस सर्वे में देश के 28 राज्य और 7 केंद्र शासित प्रदेश शामिल थे. इसके तहत 640 जिले, 497 शहर, 5,767 तहसील और 6 लाख से ज्यादा गांव कवर किए गए थे.

इस जनगणना में कुल आबादी, जनसंख्या वृद्धि दर, साक्षरता दर, जनसंख्या घनत्व, लिंग अनुपात और 0 से 6 साल के बच्चों के लिंग अनुपात जैसे आंकड़े जुटाए गए थे. 2011 की जनगणना के मुताबिक, भारत की आबादी करीब 121 करोड़ थी. इसमें पुरुषों की संख्या करीब 62.37 करोड़ और महिलाओं की संख्या करीब 58.65 करोड़ दर्ज की गई थी.