MI vs SRH: वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए हाई-स्कोरिंग मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने 243 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, लेकिन इसके बावजूद सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने उन्हें उन्हीं के घर में हरा दिया. SRH की ओर से ट्रेविस हेड की 76 रनों की और हेनरिक क्लासेन की 65 रनों की विस्फोटक पारियों ने मुंबई के बड़े स्कोर को भी पीछे छोड़ दिया.
इस हार के बाद मुंबई इंडियंस की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदें काफी कमजोर हो गई हैं. टीम की स्थिति अब बेहद मुश्किल मोड़ पर पहुंच चुकी है. आइए 5 पॉइंट्स में समझते हैं पूरा प्लेऑफ का गणित.
1. अब बाकी सभी मैच जीतना होगा जरूरी
मुंबई इंडियंस ने अब तक 8 मैचों में सिर्फ 2 जीत दर्ज की हैं और 6 मुकाबले गंवाए हैं. इसके चलते उनके पास सिर्फ 4 अंक हैं.
प्लेऑफ में सुरक्षित जगह बनाने के लिए आमतौर पर 16 अंकों की जरूरत होती है. इसका मतलब साफ है कि मुंबई को अब अपने बचे हुए सभी 6 मैच हर हाल में जीतने होंगे. अगर एक भी मुकाबला हारते हैं तो टीम का प्लेऑफ सपना लगभग खत्म हो सकता है.
2. नेट रन रेट बन गया सबसे बड़ी चुनौती
मुंबई इंडियंस का नेट रन रेट इस समय -0.784 है, जो काफी खराब स्थिति में है. अगर टीम सभी 6 मैच जीत भी लेती है, तब भी अन्य टीमों के साथ टाई होने की स्थिति में फैसला नेट रन रेट पर ही होगा.
इसलिए मुंबई के लिए सिर्फ जीतना ही नहीं, बल्कि बड़े अंतर से जीत दर्ज करना भी बेहद जरूरी हो गया है ताकि उनका रन रेट सुधारकर पॉजिटिव हो सके.
3. अब दूसरों के रिजल्ट पर भी निर्भरता
मुंबई इंडियंस की किस्मत अब पूरी तरह उनके हाथ में नहीं रही. उन्हें उम्मीद करनी होगी कि टॉप टीमें एक-दूसरे को हराकर अंक बांटें और कोई भी टीम 18 अंकों तक आसानी से न पहुंचे.
इसके अलावा गुजरात टाइटंस और दिल्ली कैपिटल्स जैसी टीमें भी अगर लगातार जीत दर्ज करती हैं तो मुंबई की राह और मुश्किल हो जाएगी.
4. टेबल की मौजूदा स्थिति ने बढ़ाई टेंशन
पॉइंट्स टेबल पर फिलहाल कई टीमें मजबूत स्थिति में हैं:
अगर इनमें से तीन टीमें 18 या उससे अधिक अंक हासिल कर लेती हैं, तो प्लेऑफ की चौथी जगह के लिए मुकाबला और भी कड़ा हो जाएगा.
5. अब ‘करो या मरो’ से भी आगे की स्थिति
मुंबई इंडियंस की स्थिति अब केवल “करो या मरो” नहीं बल्कि उससे भी ज्यादा कठिन हो गई है. टीम को न सिर्फ लगातार जीतना होगा, बल्कि हर मैच में दबदबा बनाकर जीतना होगा.
अब उनकी प्लेऑफ उम्मीदें उनके अपने प्रदर्शन के साथ-साथ बाकी टीमों के नतीजों पर भी निर्भर करती हैं.
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