Mangala Gauri Vrat: आज है सावन का पहला मंगला गौरी व्रत, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, आरती और नियम

Mangala Gauri Vrat: सावन के पहले मंगला गौरी व्रत पर विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना से माता गौरी की पूजा करेंगी. इस बार व्रत के दिन भद्रा और राहुकाल का संयोग भी बन रहा है, ऐसे में पूजा का शुभ मुहूर्त, संपूर्ण विधि, आरती और जरूरी नियम जान लेना बेहद महत्वपूर्ण है.

mangala-gauri-vrat-puja-vidhi-shubh-muhurat-2026-guide
AI Generated

Mangala Gauri Vrat: सावन का महीना भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है. इस महीने आने वाले प्रत्येक मंगलवार को रखा जाने वाला मंगला गौरी व्रत विवाहित महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है. मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा और विधि-विधान से करने पर अखंड सौभाग्य, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है. वहीं, अविवाहित कन्याएं भी योग्य जीवनसाथी की कामना से यह व्रत रखती हैं. इस वर्ष मंगला गौरी व्रत पर भद्रा और पंचक का संयोग भी बन रहा है, इसलिए पूजा का सही समय और विधि जानना बेहद आवश्यक है. आइए जानते हैं इस पावन व्रत का महत्व, शुभ मुहूर्त और संपूर्ण पूजा विधि.

मंगला गौरी व्रत का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में मंगला गौरी व्रत माता पार्वती को समर्पित माना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी. उनकी अटूट भक्ति और तप से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया. उसी तपस्या की स्मृति में सावन के मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रखा जाता है.

मान्यता है कि इस दिन माता गौरी की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में प्रेम, विश्वास और सौभाग्य बना रहता है. साथ ही कुंडली के कई दोष भी शांत होते हैं और घर में सुख-शांति तथा समृद्धि का वास होता है.

मंगला गौरी व्रत पर भद्रा और राहुकाल का प्रभाव

इस बार मंगला गौरी व्रत पर भद्रा का साया भी रहेगा. पंचांग के अनुसार भद्रा रात 10:03 बजे से अगले दिन सुबह 5:45 बजे तक रहेगी. वहीं राहुकाल दोपहर 3:49 बजे से शाम 5:29 बजे तक रहेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन समयों में शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है. इसलिए पूजा शुभ मुहूर्त में ही करना अधिक फलदायी माना गया है.

पूजा के लिए कौन-कौन से शुभ मुहूर्त रहेंगे?

मंगला गौरी व्रत की पूजा के लिए दिन में कई शुभ समय उपलब्ध हैं. ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:20 बजे से 5:02 बजे तक रहेगा, जिसे पूजा और साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है.

इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक रहेगा. शाम के समय गोधूलि मुहूर्त 7:10 बजे से 7:31 बजे तक और अमृत काल 7:30 बजे से रात 9:06 बजे तक रहेगा. इन शुभ समयों में माता गौरी की आराधना करना विशेष फलदायी माना गया है.

मंगला गौरी व्रत की संपूर्ण पूजा विधि

मंगला गौरी व्रत के दिन प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करके स्वच्छ तथा लाल या पीले रंग के वस्त्र धारण करें. इसके बाद पूजा स्थान को साफ करके चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं और माता गौरी तथा भगवान शिव की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें.

पूजा के दौरान माता गौरी को अक्षत, कुमकुम, सिंदूर, लाल पुष्प, चुनरी और श्रृंगार सामग्री अर्पित करें. इसके बाद फल, मिष्ठान और पंचामृत का भोग लगाएं. श्रद्धा के साथ मंगला गौरी व्रत कथा का पाठ करें और "ॐ गौर्यै नमः" या "ॐ पार्वत्यै नमः" मंत्र का जाप करें. अंत में माता गौरी और भगवान शिव की आरती कर पूजा का समापन करें.

सोलह श्रृंगार सामग्री अर्पित करने की परंपरा

मंगला गौरी व्रत में माता को सोलह श्रृंगार अर्पित करने की विशेष परंपरा है. श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार 16 चूड़ियां, 16 लौंग, 16 इलायची और 16 प्रकार के प्रसाद अर्पित कर सकते हैं. माना जाता है कि इससे माता गौरी प्रसन्न होती हैं और परिवार पर अपनी विशेष कृपा बनाए रखती हैं.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा से की गई पूजा वैवाहिक जीवन की बाधाओं को दूर करती है, ग्रह दोषों को शांत करती है और घर में सुख, शांति तथा समृद्धि का संचार करती है.

मंगला गौरी व्रत की आरती

मंगला गौरी व्रत की पूजा के अंत में माता की आरती करना अत्यंत शुभ माना जाता है. श्रद्धापूर्वक आरती करने से व्रत पूर्ण माना जाता है और माता गौरी का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

जय मंगला गौरी माता, मैया जय मंगला गौरी माता.
ब्रह्म सनातन देवी, शुभ फल की दाता..

अरिकुल पद्म विनाशिनी, जय सेवक त्राता.
जग जीवन जगदंबा, हरिहर गुण गाता..

सिंह वाहन पर विराजे, कुंडल शोभा पाते.
देव सभी वंदन करते, महलों में सुख लाते..

शिव संग सदा सुशोभित, नंदी-भृंगी साथ.
भक्तों की हर मनोकामना, करतीं पूर्ण हर बार..

जो श्रद्धा से आरती गाए, पाए सुख अपार.
अखंड सौभाग्य, सुख-समृद्धि और जीवन में शुभ संचार..

ये भी पढ़ें- मकर समेत इन राशियों की लव लाइफ होगी शानदार, प्यार में बढ़ेगा भरोसा और रिश्ते होंगे मजबूत, पढ़ें लव राशिफल