1000 Year Old Shivling: मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर मंदिर परिसर में शुक्रवार तड़के एक चौंकाने वाली घटना सामने आई. यहां खुदाई के दौरान जमीन के अंदर से एक प्राचीन शिवलिंग मिलने से लोगों में हैरानी और उत्साह दोनों देखने को मिला. मंदिर के गेट नंबर 4 के पास अंडरपास बनाने के लिए पिछले एक महीने से खुदाई का काम चल रहा था.
शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे जैसे ही पोकलेन मशीन से खुदाई शुरू हुई, मशीन किसी ठोस चीज से टकराई. जब ध्यान से देखा गया तो वहां एक शिवलिंग दिखाई दिया. इसके साथ ही दो और पत्थर मिले, जिनकी आकृति शिव परिवार से जुड़ी बताई जा रही है. यह देखते ही वहां मौजूद लोगों में हलचल मच गई और तुरंत खुदाई का काम रोक दिया गया.
जहां खोदोगे वहां सनातनी प्रमाण मिलेंगे इसके सिवा कुछ नही
— 𝗔𝘀𝗵𝘂𝘁𝗼𝘀𝗵 𝗕𝗿𝗶𝗷𝘄𝗮𝘀𝗶 (@VedicAshutosh) May 1, 2026
॥सनातन था सनातन है सनातन ही रहेगा॥
"मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के पास चल रही खुदाई के दौरान लगभग 11-12वीं शताब्दी का एक प्राचीन शिवलिंग (जल-कलश युक्त) मिला है। यह अवशेष महाकाल मंदिर… pic.twitter.com/z29PnnFPPm
अधिकारियों को दी गई सूचना
मौके पर मौजूद इंजीनियर सतीश राजपूत ने तुरंत मंदिर प्रशासन को इसकी जानकारी दी. सूचना मिलते ही मंदिर के अधिकारी और पुजारी वहां पहुंचे. उन्होंने विधि-विधान से शिवलिंग की पूजा की और एहतियात के तौर पर निर्माण कार्य को तुरंत बंद करवा दिया.
जांच करेगा पुरातत्व विभाग
अब इस शिवलिंग की प्राचीनता और ऐतिहासिक महत्व की जांच की जाएगी. इसके लिए पुरातत्व विभाग को जानकारी दी गई है. रिपोर्ट आने के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा कि इस जगह पर क्या कदम उठाए जाएंगे.
प्राचीन मंदिर होने की संभावना
इंजीनियर के अनुसार, शिवलिंग के साथ मिले पत्थरों से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि जमीन के नीचे कोई पुराना मंदिर हो सकता है. शुरुआती तौर पर शिवलिंग को करीब 1000 साल पुराना बताया जा रहा है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी. मौके पर मंदिर प्रशासन के साथ स्थानीय अधिकारी और तहसीलदार भी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया.
श्रद्धालुओं में उत्साह
शिवलिंग मिलने की खबर फैलते ही श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ गया है. कई लोग इसे आस्था से जोड़कर देख रहे हैं और इसे एक विशेष संकेत मान रहे हैं. वहीं, पास में रहने वाले ज्योतिषाचार्य अक्षत व्यास का कहना है कि यह इलाका प्राचीन समय से ही धार्मिक गतिविधियों का केंद्र रहा है, इसलिए यहां ऐसे अवशेष मिलना कोई हैरानी की बात नहीं है.
सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद मंदिर परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, ताकि इस जगह को सुरक्षित रखा जा सके और किसी तरह की क्षति न हो. अब सभी की नजर पुरातत्व विभाग की जांच रिपोर्ट पर है, जिससे इस शिवलिंग और संभावित मंदिर के बारे में और जानकारी सामने आ सकेगी.
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