जयपुर में लोकमंथन-2026 का शंखनाद, जे. नंदकुमार बोले - यह प्राचीन संवाद परंपरा को पुनर्जीवित करने का प्रयास

भारतीय ज्ञान परंपरा, लोक संस्कृति और राष्ट्रीय चिंतन को समर्पित प्रतिष्ठित आयोजन लोकमंथन-2026 की तैयारियों की औपचारिक शुरुआत बुधवार को जयपुर स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित कार्यक्रम के साथ हुई.

lokmanthan-2026-jaipur-launches-indian-dialogue-cultural-forum
Image Source: Social Media

जयपुर: भारतीय ज्ञान परंपरा, लोक संस्कृति और राष्ट्रीय चिंतन को समर्पित प्रतिष्ठित आयोजन लोकमंथन-2026 की तैयारियों की औपचारिक शुरुआत बुधवार को जयपुर स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित कार्यक्रम के साथ हुई. इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लोकमंथन-2026 के सफल आयोजन के लिए गठित स्वागत समिति और आयोजन समिति की घोषणा की तथा कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया. समारोह के दौरान लोकमंथन की आधिकारिक वेबसाइट का भी लोकार्पण किया गया. 

"प्राचीन संवाद परंपरा को पुनर्स्थापित करने का प्रयास"

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रज्ञा प्रवाह के राष्ट्रीय संयोजक जे. नंदकुमार ने कहा कि, "लोकमंथन भारत की प्राचीन संवाद परंपरा को पुनर्स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है." उन्होंने कहा कि, "भारतीय सभ्यता की पहचान स्वस्थ, रचनात्मक और निरंतर संवाद की संस्कृति रही है, जिसने समाज को समय-समय पर नई दिशा प्रदान की. वर्तमान समय में इसी परंपरा को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से लोकमंथन का आयोजन किया जा रहा है."

लोकमंथन-2026 की तैयारियों के संबंध में आयोजित कार्यक्रम में नंदकुमार ने कहा कि, "भारतीय परंपरा में संवाद का उद्देश्य किसी विवाद में जीत हासिल करना नहीं, बल्कि सत्य की खोज और समाज के कल्याण के लिए विचारों का आदान-प्रदान करना है." उन्होंने कहा कि, "संवाद समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचना चाहिए और राष्ट्रीय विमर्श में सभी की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए."

उन्होंने बताया कि लोकमंथन का पाँचवाँ संस्करण 4 से 6 दिसंबर, 2026 तक जयपुर में आयोजित होगा. इस वर्ष का विषय “हम भारत के लोग (We the People of India)” रखा गया है. सम्मेलन में देशभर से विद्वान, शिक्षाविद, साहित्यकार, कलाकार, नीति-निर्माता और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ भारतीय संस्कृति, ज्ञान परंपरा, सामाजिक सरोकारों और समकालीन राष्ट्रीय विषयों पर मंथन करेंगे.

लोकमंथन पर क्या बोले सीएम भजनलाल? 

इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि, "लोकमंथन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और वैचारिक विरासत को सशक्त बनाने का राष्ट्रीय अभियान है." वहीं, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि “हम भारत के लोग” केवल संविधान की प्रस्तावना का उद्घोष नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकात्मता और सामूहिक चेतना का जीवंत प्रतीक है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि लोकमंथन भारतीय ज्ञान परंपरा और समकालीन विचार-विमर्श के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में स्थापित होगा.

ये भी पढ़ें: Amarnath Yatra: अमरनाथ के दर्शन से पहले PM मोदी का भक्तों के लिए पत्र; 5 संकल्प अपनाने की अपील