पानी के लिए फिर गिड़गिड़ाया पाकिस्तान, मुस्लिम देशों के सामने सिंधु जल संधि पर बहाए आंसू, लगाई ये गुहार

Indus Waters Treaty OIC: सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद एक बार फिर सामने आ गया है. संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के सत्र में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क पहुंचे पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने OIC की बैठक में यह मुद्दा उठाया.

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Indus Waters Treaty OIC: सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद एक बार फिर सामने आ गया है. संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के सत्र में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क पहुंचे पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने OIC की बैठक में यह मुद्दा उठाया. 

उन्होंने मुस्लिम देशों से कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों को अपनी सुविधा के हिसाब से नजरअंदाज नहीं कर सकता. डार ने दावा किया कि सिंधु जल संधि एक बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय समझौता है और इसे एकतरफा तरीके से निलंबित करने का कोई प्रावधान नहीं है.

इशाक डार ने सिंधु जल संधि पर क्या कहा?

OIC के जम्मू-कश्मीर संपर्क समूह की मंत्री स्तरीय बैठक में इशाक डार ने कहा कि भारत की ओर से सिंधु जल संधि को निलंबित करने से एक गंभीर स्थिति पैदा हुई है. उनका कहना था कि अंतरराष्ट्रीय समझौतों से जुड़ी जिम्मेदारियों को तब नहीं छोड़ा जा सकता, जब वे किसी देश के लिए असुविधाजनक हों.

डार ने हेग स्थित मध्यस्थता अदालत के हालिया फैसले का भी जिक्र किया. पाकिस्तान का कहना है कि 31 अगस्त 2026 के फैसले में सिंधु जल संधि को लागू और बाध्यकारी माना गया है. पाकिस्तान इसी फैसले को अपने पक्ष में बता रहा है.

इशाक डार ने पहलगाम हमले पर भी उठाए सवाल

इशाक डार ने भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए सैन्य संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि कश्मीर विवाद का समाधान नहीं होने के कारण क्षेत्र में तनाव बना हुआ है. उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर भारत के आरोपों पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि पाकिस्तान के खिलाफ लगाए गए आरोपों के समर्थन में पर्याप्त जांच या सबूत सामने नहीं रखे गए.

ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए डार ने कहा कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल किया. उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव इस बात की याद दिलाता है कि लंबे समय से चले आ रहे विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए किया जाना चाहिए.

डार ने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु हथियार रखने वाले देश हैं और ऐसे में सैन्य टकराव से बचना जरूरी है. उनके मुताबिक राजनीतिक विवादों को सैन्य ताकत के जरिए हल नहीं किया जा सकता.

भारत ने सिंधु संधि पर पाकिस्तान को दिया जवाब

भारत ने पाकिस्तान की ओर से सिंधु जल संधि और मध्यस्थता अदालत के फैसले का मुद्दा उठाए जाने पर कड़ा जवाब दिया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान इस मामले में तथ्यों को गलत तरीके से पेश कर रहा है. भारत ने यह भी साफ किया कि जिस फैसले को पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय अदालत का फैसला बता रहा है, उसे भारत वैध नहीं मानता.

भारत का कहना है कि जिस कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के जरिए यह कार्यवाही हुई, उसका गठन ही भारत की नजर में वैध तरीके से नहीं हुआ था. इसलिए भारत न तो इस प्रक्रिया को मान्यता देता है और न ही उसके फैसलों को स्वीकार करता है. वहीं, पाकिस्तान इस फैसले को सिंधु जल संधि के जारी रहने की पुष्टि के तौर पर पेश कर रहा है.

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