Kriti Sanon: कृति सैनन ने बेटी दिवस के मौके पर एक ऐसा सवाल उठाया है, जो सिर्फ एक दिन की शुभकामनाओं से आगे जाकर महिलाओं की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा है. अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि आज भी कई लड़कियों को घर से बाहर निकलते समय अपनी सुरक्षा को लेकर लगातार सतर्क रहना पड़ता है. उन्होंने समाज से इस स्थिति पर गंभीरता से सोचने की अपील की.
बेटी दिवस पर कृति सैनन का खास संदेश
बेटी दिवस के अवसर पर कृति सैनन ने इंस्टाग्राम पर कई तस्वीरों के साथ एक भावुक पोस्ट साझा की. इस पोस्ट में उन्होंने उन परिस्थितियों का जिक्र किया, जिनसे कई युवा महिलाओं को सार्वजनिक जगहों पर गुजरना पड़ता है. कृति ने लोगों से कल्पना करने को कहा कि अगर कोई बेटी फोन करके बताए कि कुछ पुरुष उसका पीछा कर रहे हैं, वह अकेले घर लौटते समय बार-बार पीछे मुड़कर देख रही है या सुरक्षित जगह पहुंचने से पहले उसके फोन की बैटरी खत्म होने वाली है, तो उस समय उसके परिवार और उसके लिए यह स्थिति कितनी परेशान करने वाली होगी.
'लाइव लोकेशन से पेपर स्प्रे तक' का किया जिक्र
अभिनेत्री ने अपनी पोस्ट में महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी रोजमर्रा की आदतों का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि लाइव लोकेशन शेयर करना, पेपर स्प्रे साथ रखना, पैदल जाने के बजाय कैब लेना या सुरक्षित महसूस करने के लिए किसी को फोन करना कई महिलाओं की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. कृति के मुताबिक, महिलाओं की सुरक्षा के लिए लगातार सतर्क रहने की जरूरत इस बात पर सोचने को मजबूर करती है कि क्या सार्वजनिक स्थान वास्तव में सभी के लिए समान रूप से सुरक्षित हैं.
बिना डर के बाहर निकल सके हर बेटी
कृति सैनन ने कहा कि बेटी दिवस का वास्तविक अर्थ उस दिन महसूस होगा, जब महिलाएं बिना डर के सार्वजनिक जगहों पर अपनी जिंदगी जी सकें. उन्होंने ऐसी स्थिति की कल्पना की, जहां कोई बेटी रात में अकेले घर लौट सके, अंधेरा होने के बाद पार्क में बैठ सके और अपनी पसंद के कपड़े पहनकर बिना किसी डर के बाहर जा सके. उन्होंने सार्वजनिक परिवहन और दूसरी सार्वजनिक जगहों पर भी महिलाओं के सुरक्षित महसूस करने की जरूरत पर जोर दिया. उनके संदेश का केंद्र यह था कि महिलाओं को अपनी सुरक्षा को लेकर हर समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की मजबूरी न हो.
'मैं पहुंच गई हूं' मैसेज की जरूरत न पड़े
कृति ने अपने संदेश में ऐसे समाज की उम्मीद जताई, जहां किसी महिला को घर पहुंचने के बाद अपनी सुरक्षा की पुष्टि करने के लिए 'मैं पहुंच गई हूं' जैसा मैसेज भेजना जरूरी न लगे. अभिनेत्री ने कहा कि बेटियों के लिए ऐसी दुनिया बनाना जरूरी है, जहां वे स्वतंत्र होकर कहीं भी आ-जा सकें और उन्हें हर कदम पर किसी अनहोनी का डर न सताए. उनके इस संदेश ने महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित माहौल की जरूरत को लेकर चर्चा छेड़ दी है.
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