IDF Strikes In Gaza: गाजा में एक बार फिर हालात बिगड़ गए हैं. इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने पुष्टि की है कि इजरायली सैनिकों पर गोलीबारी के बाद इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने हमास के ठिकानों पर भारी हवाई और जमीनी हमले शुरू कर दिए हैं. यह कार्रवाई सीधे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के आदेश पर की गई. बताया जा रहा है कि नेतन्याहू ने सुरक्षा बैठक के बाद सेना को निर्देश दिया था कि गाजा से किसी भी हमले का जवाब “पूरी ताकत से दिया जाए.”
इन हमलों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में हुए संघर्षविराम समझौते की एक बड़ी कसौटी माना जा रहा है. विश्लेषकों का कहना है कि यह हिंसा उस समझौते की स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जिसे कुछ हफ्ते पहले ही लागू किया गया था.
हमास का हमला और इजरायल की जवाबी कार्रवाई
आईडीएफ के मुताबिक, गाजा के राफा क्षेत्र से हमास के आतंकियों ने इजरायली सैनिकों पर एंटी-टैंक मिसाइल दागी और बाद में गोलीबारी भी की. इस हमले में कुछ सैनिक घायल हुए. इजरायल ने इसे संघर्षविराम का “स्पष्ट उल्लंघन” बताया है. इजरायली अधिकारियों के अनुसार, सेना ने तुरंत हमास के दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें लॉन्च पैड, कमांड सेंटर और सुरंगें शामिल थीं.
एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने The Jerusalem Post से बातचीत में कहा, “हमास के इस हमले की गंभीरता पहले से कहीं अधिक है. इस बार हमारी प्रतिक्रिया पहले की तुलना में और ज्यादा सख्त और निर्णायक होगी.”
गाजा में भारी गोलीबारी और सुरक्षा मूल्यांकन
आईडीएफ के एक सैन्य सूत्र ने बताया कि गाजा सीमा के पास जवाबी फायरिंग लगातार जारी है. सेना का कहना है कि यह कार्रवाई इसलिए की जा रही है ताकि हमास को सीमा पार घुसपैठ या सैनिकों पर हमले की कोशिश से रोका जा सके.
रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज के साथ हुई बैठक के बाद, सेना ने स्थिति का नया आकलन किया और 7 अक्टूबर से गाजा सीमा के आस-पास लगाए गए कई सुरक्षा प्रतिबंध हटाने का फैसला लिया गया. इसका उद्देश्य स्थानीय समुदायों में सामान्य स्थिति बहाल करना बताया गया है.
बंधकों के अवशेषों को लेकर बढ़ा विवाद
इस बीच, इजरायल और हमास के बीच बंधकों के शवों को लेकर भी विवाद गहराता जा रहा है. इजरायली सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि अगर हमास मारे गए बंधकों के शव नहीं लौटाता, तो इजरायल पांच संभावित विकल्पों पर काम कर रहा है. इनमें शामिल हैं,
गाजा में ऑपरेशनल कंट्रोल बढ़ाना,
लक्षित सैन्य कार्रवाई,
बंधकों के शवों की खोज अभियान,
राजनयिक दबाव बनाना, और
वर्तमान समझौतों को समाप्त करना.
इजरायली सूत्रों का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कोई ठोस प्रगति नहीं होती, तो इजरायल फिर से पूर्ण सैन्य अभियान छेड़ सकता है.
हमास का दावा और इजरायल की नाराजगी
इजरायली मीडिया KAN News के अनुसार, दो हफ्ते पहले एक सरकारी सूत्र ने बताया था कि हमास दर्जनों मारे गए बंधकों के शवों के ठिकाने जानता है, लेकिन उन्हें लौटाने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं कर रहा.
रिपोर्ट के मुताबिक, हमास ने दावा किया है कि वह “सभी शवों का पता नहीं लगा पा रहा” क्योंकि कई बंधक इजरायली हवाई हमलों में मारे गए थे और उनके अवशेष अभी भी मलबे में दबे हैं.
हालांकि, इजरायल इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं है. सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि हमास जानबूझकर बंधकों के शवों को सौदेबाजी का हथियार बना रहा है ताकि वह इजरायल पर दबाव बना सके.
नेतन्याहू की सख्त चेतावनी
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने गाजा में ताजा हिंसा के बाद बयान जारी करते हुए कहा, “इजरायल अपने नागरिकों पर किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा. हमने सेना को पूरी शक्ति से जवाब देने के आदेश दिए हैं. गाजा में जो भी हमारे खिलाफ हथियार उठाएगा, वह खुद अपने भविष्य को खत्म करेगा.”
उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल संघर्षविराम का पालन तभी करेगा, जब हमास अपनी ओर से सभी हमले बंद करे और बंधकों की वापसी सुनिश्चित करे.
युद्धविराम पर मंडराते साए
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह घटना ट्रंप-मध्यस्थता वाले युद्धविराम समझौते की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है. अमेरिका ने अब तक दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अगर गाजा में हिंसा बढ़ती रही, तो यह युद्धविराम कभी भी टूट सकता है.
मध्यपूर्व मामलों के विशेषज्ञों के अनुसार, “इजरायल इस बार हमास पर निर्णायक प्रहार करना चाहता है, ताकि आने वाले महीनों में उसके हमले पूरी तरह रुक जाएं.”
गाजा की स्थिति फिर तनावपूर्ण
गाजा पट्टी में रातभर हुए हमलों के बाद कई इलाकों में धुआं और आग के गुबार देखे गए. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमास ने अपने ठिकानों को खाली कर दिया है और नागरिकों से सुरक्षित क्षेत्रों में जाने की अपील की है.
फिलहाल गाजा की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है, सीमा पार से रॉकेट हमले रुक-रुककर जारी हैं, जबकि इजरायली सेना ने चेतावनी दी है कि “किसी भी अगली उकसावे की कार्रवाई पर पूरा गाजा क्षेत्र युद्ध क्षेत्र में बदल सकता है.”
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