Flydubai Hijack Bid: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबाई की फ्लाइट FZ1073 में हुए हमले के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ा बयान दिया है. नेतन्याहू ने कहा कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, घटना से जुड़ी कई बातें सामने आ रही हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार और विमान में मौजूद यात्रियों ने बड़ी त्रासदी को टालने में अहम भूमिका निभाई.
नेतन्याहू के मुताबिक, जांच इस बात पर भी चल रही है कि ओमानी को-पायलट ने यह कदम अकेले उठाया था या उसे किसी व्यक्ति या संगठन ने भेजा था. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जांच में किसी के भेजने की बात सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
नेतन्याहू ने बताया 9/11 जैसे हादसे का खतरा
नेतन्याहू ने कहा कि विमान में मौजूद यानिव हायून और दूसरे यात्रियों ने एक बड़ी तबाही को रोकने में मदद की. उनके अनुसार, आरोपी को-पायलट ने विमान को यात्रियों समेत गिराने की कोशिश की थी. नेतन्याहू ने इस घटना की तुलना 9/11 जैसी संभावित त्रासदी से भी की. हालांकि, इस हमले के पीछे किसका हाथ था, यह अभी जांच का विषय है.
रिपोर्टों के मुताबिक, उड़ान के दौरान को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया. इसके बाद विमान करीब 14 हजार फीट नीचे चला गया. कैप्टन मच्छार ने घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद यात्रियों और क्रू के लोगों ने अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की. बाद में दूसरे पायलटों ने विमान को संभाला और इसे सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया.
מי ששלח את הטייס הזה ישלם מחיר כבד מאוד pic.twitter.com/C4sDXRuR2r
— Benjamin Netanyahu - בנימין נתניהו (@netanyahu) October 2, 2026
'जिसने भेजा है, उसे भारी कीमत चुकानी होगी'
नेतन्याहू ने कहा कि इजरायली एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी को किसी संगठन या किसी देश की तरफ से भेजा गया था या नहीं. उन्होंने कहा कि जांच अभी जारी है और इस सवाल का जवाब सामने आना बाकी है कि आरोपी ने यह कदम क्यों उठाया.
नेतन्याहू ने यह भी कहा कि अगर किसी ने उसे इस काम के लिए भेजा है तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी होगी. फिलहाल किसी संगठन या देश के इस घटना के पीछे होने की पुष्टि नहीं हुई है. इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, जांच में इस पहलू को भी देखा जा रहा है.
को-पायलट के कट्टरपंथी होने का नेतन्याहू का दावा
नेतन्याहू ने दावा किया है कि ओमानी को-पायलट पर इस्लामिक कट्टरपंथ का असर था. उन्होंने कहा कि आरोपी ने कथित तौर पर विमान को यात्रियों समेत क्रैश करने की कोशिश की. कुछ रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि इजरायली अधिकारी उसके सोशल मीडिया व्यवहार और संभावित कट्टरपंथी विचारों की जांच कर रहे हैं.
हालांकि, आरोपी की विचारधारा, उसके मकसद और किसी संगठन से उसके संबंध को लेकर जांच अभी पूरी नहीं हुई है. इजरायल, UAE और सऊदी अरब की एजेंसियां मामले के अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही हैं.
UAE ने भी शुरू की हाई-लेवल जांच
घटना के बाद संयुक्त अरब अमीरात ने भी जांच शुरू कर दी है. UAE के अटॉर्नी जनरल ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम बनाई है. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विमान में हुई घटना का किसी आतंकी गतिविधि से संबंध था या इसके पीछे कोई पहले से बनाई गई योजना थी.
फिलहाल जांच एजेंसियों का फोकस आरोपी के मकसद, उसकी गतिविधियों और किसी संभावित बाहरी कनेक्शन पर है. वहीं, कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की इजरायल और भारत में भी तारीफ हुई है. घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने और दूसरे लोगों को अंदर आने का मौका देने को इस घटना में अहम माना जा रहा है.
फ्लाईदुबाई की यह घटना अब केवल विमान में हुई हिंसा तक सीमित नहीं रह गई है. कई देशों की एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर हमले के पीछे क्या मकसद था और क्या आरोपी के पीछे कोई और व्यक्ति या संगठन भी मौजूद था.
ये भी पढ़ें- Kal Ka Mausam: 3 अक्टूबर को दिल्ली-UP में बढ़ेगी गर्मी, इन राज्यों में बारिश के साथ बिजली का अलर्ट