धरी रह गई पीस डील! इजरायल ने लेबनान पर बरसाए बम, 18 लोगों की मौत, फिर भड़केगा युद्ध?

Israel-Lebanon Conflict: मध्य पूर्व में शांति की उम्मीदें एक बार फिर कमजोर पड़ती दिखाई दे रही हैं. अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए समझौते को क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा था, लेकिन लेबनान की धरती पर फिर से तेज हुई लड़ाई ने इन उम्मीदों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

israel-hezbollah-conflict-lebanon-deaths-us-iran-deal-crisis
AI Generated

Israel-Lebanon Conflict: मध्य पूर्व में शांति की उम्मीदें एक बार फिर कमजोर पड़ती दिखाई दे रही हैं. अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए समझौते को क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा था, लेकिन लेबनान की धरती पर फिर से तेज हुई लड़ाई ने इन उम्मीदों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच हुई ताजा झड़पों में दोनों पक्षों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. जहां इजरायल ने अपने चार सैनिक खो दिए हैं, वहीं लेबनान में इजरायली हवाई हमलों से कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है.

रातभर चली भीषण लड़ाई

दक्षिणी लेबनान में बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक इजरायली सेना और हिज्बुल्लाह के लड़ाकों के बीच जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला. यह हाल के महीनों की सबसे बड़ी सैन्य भिड़ंतों में से एक मानी जा रही है. इजरायल की सेना ने पुष्टि की है कि इस संघर्ष में उसके चार सैनिक मारे गए हैं, जिनमें एक लेफ्टिनेंट कर्नल भी शामिल हैं. इसके अलावा ड्रोन हमले में पांच अन्य सैनिक घायल हुए हैं.

दूसरी ओर, हिज्बुल्लाह ने दावा किया कि उसने इजरायली सैन्य ठिकानों और सैनिकों को निशाना बनाते हुए कई सफल हमले किए हैं. संगठन का कहना है कि उसने इजरायली सेना की अग्रिम टुकड़ियों को भारी नुकसान पहुंचाया.

लेबनान में तबाही का मंजर

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, आधी रात के बाद देश के 11 अलग-अलग कस्बों और गांवों पर इजरायल ने व्यापक हवाई हमले किए. इन हमलों में अब तक 18 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है जबकि 33 लोग घायल बताए जा रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि कई इलाकों में राहत और बचाव कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं, जिसके चलते मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है. सबसे अधिक नुकसान टायर शहर के निकट स्थित हारौफ गांव में हुआ, जहां सात लोगों की जान चली गई. स्थानीय प्रशासन को आशंका है कि कई लोग अभी भी मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं.

अमेरिका-ईरान समझौते पर बढ़ा दबाव

ताजा संघर्ष ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच क्षेत्रीय तनाव कम करने को लेकर एक अस्थायी समझौता लागू हुआ है. इस समझौते का उद्देश्य मध्य पूर्व में विभिन्न मोर्चों पर सैन्य गतिविधियों को सीमित करना और व्यापक युद्ध की संभावना को रोकना था. हालांकि लेबनान में बढ़ती हिंसा ने इस समझौते की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. इसी पृष्ठभूमि में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्विट्जरलैंड की अपनी प्रस्तावित यात्रा स्थगित कर दी है, जहां ईरान के साथ अगले दौर की वार्ता होनी थी.

ये भी पढ़ें: इजरायल के बाद अब फ्रांस ने बढ़ाई ट्रंप की मुश्किलें, अमेरिका-ईरान पीस डील को लेकर की ये बड़ी मांग