पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर है. शुक्रवार को गाजा पट्टी में हुए इजराइली हवाई हमलों में कम से कम 108 लोगों की जान चली गई, जबकि सैकड़ों लोग घायल हो गए हैं. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, मरने वालों में 27 महिलाएं और 31 बच्चे शामिल हैं. हमले देर रात से लेकर सुबह तक जारी रहे और जबालिया शरणार्थी शिविर तथा बेत लाहिया जैसे घनी आबादी वाले इलाकों को निशाना बनाया गया.
इसी दौरान इजराइल ने यमन के दो बंदरगाहों पर भी हमला किया, जिनके बारे में उसका कहना है कि उनका इस्तेमाल हूती विद्रोही हथियारों की तस्करी के लिए कर रहे थे. हालांकि यमन में इन हमलों से किसी के हताहत होने की पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है.
ट्रंप के दौरे से उम्मीदें टूटीं
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में खाड़ी देशों का दौरा पूरा किया, लेकिन इस बार उन्होंने इजराइल की यात्रा नहीं की. उम्मीद की जा रही थी कि उनके दौरे से क्षेत्र में कोई युद्धविराम या मानवीय राहत की पहल हो सकती है. अबू धाबी में एक व्यापार मंच पर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वे गाजा की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और वैश्विक समस्याओं को सुलझाने की दिशा में प्रयासरत हैं.
इजराइल का जवाबी अभियान जारी
इजराइली सेना ने बताया कि उसने शुक्रवार को गाजा में 150 से अधिक ठिकानों पर हवाई हमले किए. सेना के अनुसार, यह अभियान आतंकवादी गतिविधियों को खत्म करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है. इजराइल सरकार के प्रवक्ता डेविड मेन्सर ने कहा कि हमास द्वारा बंधकों को रिहा करना बंद कर देने के बाद अभियान को और तेज किया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इजराइल हमास पर दबाव बनाते हुए बातचीत भी जारी रखेगा.
नेतन्याहू ने जताई सख्ती
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वे हमास का सफाया करने तक पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने हाल में कहा था कि इजराइली सेनाएं जल्द ही पूरे बल के साथ गाजा में दाखिल होंगी और यह मिशन तब तक जारी रहेगा जब तक हमास का पूर्ण विनाश नहीं हो जाता.
सात अक्टूबर से अब तक
गौरतलब है कि इजराइल और हमास के बीच यह युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को तब शुरू हुआ, जब हमास के आतंकवादियों ने दक्षिणी इजराइल में घुसपैठ कर 1,200 से अधिक लोगों की हत्या कर दी थी. जवाबी कार्रवाई में इजराइल ने गाजा पर व्यापक सैन्य हमला शुरू किया. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस संघर्ष में अब तक 53,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं.
18 मार्च को युद्धविराम टूटने के बाद से अब तक करीब 3,000 मौतें हो चुकी हैं. हमास ने 7 अक्टूबर को इजराइल पर हमले के दौरान करीब 250 लोगों को बंधक बना लिया था, जिनमें से 58 अब भी उनके कब्जे में हैं. बताया जा रहा है कि उनमें से केवल 23 ही अभी जीवित हो सकते हैं.
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