तेल अवीव: ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच इजरायल के सामने एयर डिफेंस मिसाइलों की कमी का खतरा बढ़ता बताया जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल ने अमेरिका को इस बारे में जानकारी दी है कि उसके बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर तेजी से घट रहे हैं. ऐसे में अगर हमले इसी तरह जारी रहे तो ईरान की मिसाइलों को रोकना इजरायल के लिए मुश्किल हो सकता है.
अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से आई रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायल पहले से ही सीमित इंटरसेप्टर के साथ इस संघर्ष में उतरा था. पिछले साल जून में ईरान के साथ हुई झड़पों के दौरान भी बड़ी संख्या में इंटरसेप्टर का इस्तेमाल किया गया था. वहीं 28 फरवरी से शुरू हुए मौजूदा युद्ध में उसके लंबी दूरी के एयर डिफेंस सिस्टम पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है.
ईरानी मिसाइलों की नई रणनीति
बताया जा रहा है कि ईरान अब अपनी कुछ मिसाइलों में क्लस्टर गोला-बारूद का इस्तेमाल कर रहा है. इस तरह की मिसाइलों से एक साथ कई छोटे वारहेड गिरते हैं, जिन्हें रोकने के लिए ज्यादा इंटरसेप्टर की जरूरत पड़ती है. इससे इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है और इंटरसेप्टर तेजी से खर्च हो रहे हैं.
तीसरे हफ्ते में पहुंचा युद्ध
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक ईरान और इजरायल के बीच चल रहा संघर्ष अब तीसरे हफ्ते में पहुंच गया है. लगातार हो रहे हमलों के कारण इजरायल के एयर डिफेंस नेटवर्क को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है.
अमेरिका से मदद की उम्मीद
रिपोर्ट के अनुसार इजरायल ने अमेरिका से अतिरिक्त इंटरसेप्टर देने की मांग की है. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका तुरंत नई मिसाइलें उपलब्ध कराएगा या नहीं. क्योंकि अगर अमेरिका ज्यादा इंटरसेप्टर भेजता है तो उसके अपने भंडार पर भी दबाव पड़ सकता है.
अमेरिका ने क्या कहा
एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि वॉशिंगटन को इस स्थिति की पहले से जानकारी थी और इसकी संभावना पहले ही जताई गई थी. हालांकि अमेरिका के पास इंटरसेप्टर का पर्याप्त भंडार मौजूद है और उसे फिलहाल ऐसी किसी कमी का सामना नहीं करना पड़ रहा है.
फिलहाल इजरायल अपनी एयर डिफेंस क्षमता को बनाए रखने के लिए अलग-अलग विकल्पों पर काम कर रहा है. अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इजरायल इस चुनौती से निपटने का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है.
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