Iran closed Strait of Hormuz: ईरान ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने का ऐलान किया है. इसके साथ ही ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी ने जहाजों को चेतावनी दी है कि वे इस इलाके के करीब न आएं. ईरान का कहना है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.
लेबनान में इजराइल के हमलों को बताया वजह
IRGC ने कहा है कि लेबनान में इजराइल की सैन्य कार्रवाई जारी रहने की वजह से यह फैसला लिया गया है. ईरान का आरोप है कि युद्धविराम और शांति समझौते के बावजूद इजराइल हमले कर रहा है. ईरान का कहना है कि जब तक लेबनान पर हमले बंद नहीं होते, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रखा जा सकता है.
अमेरिका से बातचीत की तैयारी
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही स्विट्जरलैंड जाएगा. वहां अमेरिका के साथ बातचीत में लेबनान की स्थिति और इजराइल की कार्रवाई का मुद्दा उठाया जाएगा. ईरान चाहता है कि समझौते में किए गए वादों का पालन हो और क्षेत्र में तनाव कम किया जाए.
इजराइल को दी चेतावनी
ईरानी सेना ने कहा है कि होर्मुज को बंद करना उनकी प्रतिक्रिया का पहला कदम है. अगर हालात नहीं बदलते हैं, तो आगे और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं. ईरान ने संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर वह इजराइल के खिलाफ सीधे कार्रवाई का रास्ता भी अपना सकता है. इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है.
हाल ही में हुआ था समझौता
कुछ दिन पहले ईरान और अमेरिका के बीच एक समझौता हुआ था, जिसमें लेबनान समेत कई मोर्चों पर हिंसा रोकने की बात कही गई थी. लेकिन लेबनान में जारी हमलों के कारण यह समझौता दबाव में नजर आ रहा है. इसी बीच अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में बातचीत के जरिए हालात को सामान्य किया जा सकता है.
दुनिया की ऊर्जा सप्लाई पर असर की आशंका
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है. खाड़ी देशों से निकलने वाला बड़ा हिस्सा तेल और गैस इसी रास्ते से दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है.
भारत भी अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस मार्ग पर काफी हद तक निर्भर है. ऐसे में अगर यह रास्ता लंबे समय तक बंद रहता है, तो तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने की आशंका भी बढ़ सकती है. फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस क्षेत्र के घटनाक्रम और ईरान-अमेरिका के बीच होने वाली संभावित बातचीत पर बनी हुई है.
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