India Vs South Africa: दक्षिण अफ्रीका ने गुवाहाटी के मैदान पर वह किया, जिसकी टीम इंडिया ने शायद कल्पना भी नहीं की होगी. दूसरे टेस्ट में भारत को 408 रनों के भारी अंतर से हराकर मेहमान टीम ने न केवल सीरीज़ 2-0 से अपने नाम की, बल्कि भारत को उसके टेस्ट इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी हार भी थमा दी. भारतीय बल्लेबाज़ी दोनों पारियों में लड़खड़ा गई और टीम 201 व 140 रनों पर सिमटकर रह गई.
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरे दक्षिण अफ्रीकी कप्तान टेम्बा बावुमा का फैसला शानदार साबित हुआ. शुरुआती विकेट के लिए एडन मार्क्रम और रयान रिकेल्टन ने 82 रनों की शांत लेकिन मजबूत साझेदारी की. इसके बाद ट्रिस्टन स्टब्स और बावुमा ने तीसरे विकेट के लिए 84 रन जोड़कर भारत की गेंदबाज़ी पर और दबाव बना दिया.
कैसा रहा भारत का प्रदर्शन?
दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज़ों ने भारतीय अटैक की जमकर धुनाई की. सेनुरन मुथुसामी ने अपने पहले टेस्ट शतक के रूप में 109 रन ठोक डाले. वहीं मार्को यानसेन ने 93 रन बनाते हुए भारतीय गेंदबाजों की ऐसी पिटाई की कि एक पारी में 7 छक्के जड़कर इतिहास रच दिया. भारतीय गेंदबाज़ों में कुलदीप यादव ने 4 विकेट जरूर लिए, लेकिन 115 रन खर्चने पड़े. बुमराह और सिराज के नाम 2-2 विकेट रहे, लेकिन दोनों ही किफायती साबित नहीं हुए.
भारतीय बल्लेबाज़ी ढही, 201 पर ढेर पहली पारी
यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल ने पहले विकेट के लिए 65 रन जोड़कर उम्मीद जगाई थी. जायसवाल ने शानदार 58 रन बनाए. लेकिन जैसे ही पहला विकेट गिरा, मध्यक्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गया. 95 के स्कोर पर भारत का दूसरा विकेट गिरा और देखते ही देखते 122 पर 7 विकेट गिर चुके थे. केवल वाशिंगटन सुंदर (48) और कुलदीप यादव (19) ने आखिरी में थोड़ी जूझारू बल्लेबाज़ी कर भारत को 200 के पार पहुंचाया. दक्षिण अफ्रीका की ओर से मार्को यानसेन ने 6 विकेट झटके और भारतीय बल्लेबाज़ी को चटनी बना दी.
दक्षिण अफ्रीका ने फिर कसा शिकंजा, भारत के सामने 549 का पहाड़
पहली पारी में 288 रनों की बढ़त लेने के बाद दक्षिण अफ्रीका ने दूसरी पारी में तेज रन बनाए और 260/5 पर पारी घोषित कर भारत के सामने 549 रनों का अकल्पनीय लक्ष्य खड़ा कर दिया. दूसरी पारी में ट्रिस्टन स्टब्स फिर चमके और 93 रन बनाकर शतक से चूक गए.
दूसरी पारी में भारत ढहा, शर्मनाक 140 पर पस्त
इतने बड़े लक्ष्य के दबाव में भारतीय बल्लेबाज़ी और बुरी तरह बिखर गई. शीर्ष क्रम के साथ मध्यक्रम भी किसी भी मोर्चे पर खड़ा नहीं हो सका. पूरी टीम 140 रन बनाकर ढेर हो गई और मैच भारत के हाथों से बहुत दूर निकल गया. इस करारी हार ने न सिर्फ भारतीय टीम की कमजोरियों को उजागर किया, बल्कि दक्षिण अफ्रीका के आत्मविश्वास को भी नई उड़ान दी है.
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