IND vs SA: विशाखापट्टनम के मैदान पर रविवार का दिन भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यादगार बन गया, जब टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर तीन मैचों की रोमांचक वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली. शुरुआती दो मुकाबलों में 1-1 की बराबरी के बाद तीसरा मैच दोनों टीमों के लिए निर्णायक था, लेकिन भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया.
इस सीरीज में अगर किसी खिलाड़ी ने सबसे ज्यादा चमक बिखेरी है, तो वह हैं किंग कोहली विराट कोहली, जिन्होंने अपने पुराने अंदाज की झलक दिखाते हुए दो शानदार शतक और एक नाबाद अर्धशतक की बदौलत 302 रन ठोक दिए. उनकी इसी जबरदस्त फॉर्म के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया.
लंबे समय बाद ऐसा खेल पाया
सीरीज का अंत होते ही विराट कोहली ने अपनी भावनाएं खुलकर सामने रखीं. उन्होंने माना कि पिछले 2-3 वर्षों में वह इस तरह की बल्लेबाजी नहीं कर पाए थे, लेकिन इस सीरीज में सबकुछ बदल गया. विराट ने कहा, इस सीरीज में जिस तरह मैंने बल्लेबाजी की, वह मेरे लिए बेहद संतोषजनक है. मैं खुद को भीतर से आज़ाद महसूस कर रहा हूं. पिछले 2-3 सालों में इस तरह की लय नहीं थी. लेकिन जब मैं मिडिल ऑर्डर में इस तरह खेल पाता हूं, तो टीम के लिए बहुत फर्क पड़ता है.
उन्होंने आगे कहा कि इतने लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में कई बार खिलाड़ी को अपने ऊपर शक होने लगता है, लेकिन यही सफर उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाता है. विराट बोले, 15-16 सालों तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते हुए आप कई बार खुद पर शक करते हैं. लेकिन यही प्रक्रिया आपको बेहतर खिलाड़ी और बेहतर इंसान बनाती है. जब मैं मन से मुक्त होकर खेलता हूं, तो मुझे पता है कि मैं आसानी से छक्के भी लगा सकता हूं.
रांची की पारी को बताया सीरीज की सर्वश्रेष्ठ पारी
कोहली ने अपनी पसंदीदा पारी के बारे में बात करते हुए कहा कि रांची वाले पहले मैच में खेली गई उनकी 135 रनों की पारी उनके लिए सबसे खास थी. उन्होंने कहा, पहली पारी इस सीरीज की सबसे बेहतरीन पारी थी. मैंने ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बाद कोई मैच नहीं खेला था, लेकिन उस दिन की ऊर्जा ने मुझे जोखिम लेने और खुलकर खेलने में मदद की. उसी ने मुझे अंदर से झकझोर दिया कि मैं अब भी अपनी पूरा क्षमता के साथ खेल सकता हूं.
सीरीज में कोहली का जलवा – 302 रन, औसत 151
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ इस सीरीज में विराट कोहली पूरी तरह छाए रहे. तीनों मैचों का उनका प्रदर्शन इस प्रकार रहा. पहला मैच, रांची – 120 गेंदों पर 135 रन, दूसरा मैच, रायपुर – 93 गेंदों पर 102 रन, तीसरा मैच, विशाखापट्टनम – 45 गेंदों पर नाबाद 65 रन. तीनों मैचों को मिलाकर कोहली ने कुल 302 रन बनाए और उनका औसत रहा 151. उनकी बल्लेबाजी न केवल भारत की जीत का आधार बनी, बल्कि यह इस बात का सबूत भी है कि कोहली अब भी विश्व क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद और दमदार बल्लेबाज हैं.
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