यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है. मंगलवार, 27 अक्टूबर को हूतियों ने दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित रक्षा मंत्रालय को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया. संगठन के मुताबिक, मिसाइल सीधे अपने लक्ष्य पर लगी. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. रियाद में धमाकों की आवाजें सुनाई देने की खबरों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.
हूतियों ने क्या दावा किया?
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि संगठन की सैन्य कार्रवाई में रियाद स्थित रक्षा मंत्रालय को निशाना बनाया गया. उन्होंने दावा किया कि मिसाइल अपने लक्ष्य पर सीधे लगी. यह बयान ऐसे समय आया है, जब सऊदी अरब पहले ही अपने हवाई रक्षा तंत्र के जरिए मिसाइलों को रोकने की जानकारी दे चुका था. दोनों पक्षों के दावों के बीच हमले के वास्तविक परिणामों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है.
सऊदी अरब ने मिसाइलों को रोकने की दी जानकारी
हूतियों के दावे से पहले सऊदी अधिकारियों ने कहा था कि मंगलवार को दिन में उनकी रक्षा प्रणालियों ने हूतियों की ओर से दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक दिया. समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, रियाद में जोरदार धमाकों की आवाजें भी सुनी गईं. हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं हुआ कि धमाकों का संबंध रक्षा मंत्रालय पर कथित हमले से था या नहीं. सऊदी अधिकारियों की ओर से मंत्रालय को नुकसान पहुंचने की पुष्टि भी सामने नहीं आई.
रास तनुरा तेल रिफाइनरी को निशाना बनाने का भी दावा
हूतियों ने सऊदी अरब की प्रमुख तेल रिफाइनरियों में शामिल रास तनुरा को निशाना बनाने का दावा भी किया. संगठन के सैन्य प्रवक्ता के मुताबिक, वहां बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया गया और आग लगने की बात कही गई. हालांकि, इस दावे की भी सऊदी अधिकारियों ने पुष्टि नहीं की है. यदि तेल प्रतिष्ठानों पर हमलों की पुष्टि होती है, तो इसका असर क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा और खाड़ी क्षेत्र में पहले से बने तनाव पर पड़ सकता है.
सऊदी अरब और हूतियों के बीच क्यों बढ़ रहा तनाव?
सऊदी अरब और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच सितंबर से संघर्ष तेज होने की खबरें सामने आ रही हैं. हालिया घटनाक्रम ने यमन और खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताओं को फिर बढ़ा दिया है. इसी बीच, इजरायली मीडिया की 26 अक्टूबर की एक रिपोर्ट में राजनयिक सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि सऊदी अरब ने हूतियों के साथ युद्धविराम और हमले रोकने के लिए ईरान की मध्यस्थता से एक अरब डॉलर के वित्तीय पैकेज की पेशकश की है. इस प्रस्ताव की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. फिलहाल, मिसाइल हमले और तेल प्रतिष्ठान को निशाना बनाने से जुड़े दावों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है.