अवामी लीग के स्थापना दिवस से पहले बांग्लादेश में हाई अलर्ट, तारिक रहमान को क्यों सता रहा शेख हसीना का खौफ?

बांग्लादेश में अवामी लीग के स्थापना दिवस से पहले सरकार ने देशभर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. अधिकारियों को आशंका है कि इस दौरान कुछ जगहों पर अशांति और कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है. इसी वजह से पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.

High alert in Bangladesh ahead of Awami League founding day Sheikh Hasina
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Bangladesh Awami League: बांग्लादेश में अवामी लीग के स्थापना दिवस से पहले सरकार ने देशभर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. अधिकारियों को आशंका है कि इस दौरान कुछ जगहों पर अशांति और कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है. इसी वजह से पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.

गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने 20 जून को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार 23 जून के आसपास कुछ समूह माहौल खराब करने की कोशिश कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की हिंसा, तोड़फोड़ या सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.

पुलिस को गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश

पुलिस मुख्यालय ने अपने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को सतर्क रहने को कहा है. अधिकारियों का मानना है कि स्थापना दिवस के मौके पर अवामी लीग के नेता और समर्थक विभिन्न इलाकों में पार्टी कार्यालयों पर झंडा फहरा सकते हैं और जुलूस निकाल सकते हैं.

राजनीतिक टकराव और हिंसा की आशंका

पुलिस का कहना है कि ऐसे कार्यक्रमों के दौरान दूसरे राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ टकराव की संभावना बनी रह सकती है. इससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. हालांकि ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने किसी विशेष खतरे की पुष्टि नहीं की है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

23 जून को मनाया जाता है स्थापना दिवस

अवामी लीग हर साल 23 जून को अपना स्थापना दिवस मनाती है. पार्टी की ओर से अभी तक किसी बड़े कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि कार्यकर्ताओं को पार्टी कार्यालयों पर झंडा फहराने और छोटे स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं.

अवामी लीग की स्थापना 1949 में हुई थी, जब वर्तमान बांग्लादेश पूर्वी पाकिस्तान का हिस्सा था. 1971 के मुक्ति संग्राम में इस पार्टी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान के कारण यह देश की सबसे प्रभावशाली और पुरानी राजनीतिक पार्टियों में गिनी जाती है.

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