इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व चेयरमैन और संस्थापक ललित मोदी ने क्रिकेट में भ्रष्टाचार और मैच फिक्सिंग को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने दावा किया कि क्रिकेट में फिक्सिंग पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, बल्कि अब यह पहले से कहीं ज्यादा जटिल रूप ले चुकी है. हालांकि उन्होंने IPL को लेकर कोई सीधा आरोप नहीं लगाया और कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि लीग में ऐसी गतिविधियां होती हैं या नहीं.
क्रिकेट में फिक्सिंग पर क्या बोले ललित मोदी?
एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान ललित मोदी ने कहा कि खेल जगत में भ्रष्टाचार की समस्या आज भी मौजूद है. उनके मुताबिक, फिक्सिंग के तौर-तरीके समय के साथ बदल गए हैं और अब इसे पकड़ना पहले की तुलना में अधिक कठिन हो गया है.
उन्होंने कहा कि उन्हें आईपीएल में फिक्सिंग होने या न होने की कोई प्रत्यक्ष जानकारी नहीं है, इसलिए वह इस पर कोई निश्चित टिप्पणी नहीं कर सकते. हालांकि उनका मानना है कि दुनिया के कई खेलों की तरह क्रिकेट भी ऐसी चुनौतियों से पूरी तरह अछूता नहीं है.
IPL को लेकर जताया भरोसा
ललित मोदी का कहना है कि आईपीएल खिलाड़ियों के लिए इतना बड़ा मंच बन चुका है कि अधिकांश खिलाड़ी अपने करियर और प्रतिष्ठा को जोखिम में डालना नहीं चाहेंगे. उन्होंने संकेत दिया कि लीग की लोकप्रियता और आर्थिक महत्व खिलाड़ियों को नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करता है.
अंडरवर्ल्ड से खतरे का किया दावा
पूर्व आईपीएल प्रमुख ने अपने इंटरव्यू में यह भी दावा किया कि क्रिकेट प्रशासन से दूरी बनाने की एक बड़ी वजह उन्हें मिलने वाले सुरक्षा संबंधी खतरे थे. उन्होंने कहा कि मैच फिक्सिंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के कारण उन्हें कई बार धमकियों का सामना करना पड़ा.
उनके अनुसार, कुछ प्रभावशाली तत्व चाहते थे कि वह कथित अनियमितताओं पर चुप रहें, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया. इसी वजह से उनके खिलाफ हमलों की साजिशें रची गईं और उन्हें लगातार सुरक्षा चिंताओं का सामना करना पड़ा.
IPL के शुरुआती वर्षों को लेकर बड़ा दावा
ललित मोदी ने कहा कि आईपीएल के शुरुआती वर्षों में लीग को फिक्सिंग और सट्टेबाजी से दूर रखने के लिए कड़े कदम उठाए गए थे. उनका दावा है कि इसी वजह से कुछ अवैध नेटवर्क और सट्टेबाजी से जुड़े लोगों को भारी नुकसान हुआ था.
उन्होंने यह भी कहा कि आईपीएल के दूसरे सीजन को दक्षिण अफ्रीका में आयोजित किए जाने के फैसले ने कई लोगों की योजनाओं को प्रभावित किया था, जिससे उनके खिलाफ नाराजगी बढ़ी.
दाऊद इब्राहिम से बातचीत का दावा
इंटरव्यू के दौरान ललित मोदी ने यह भी दावा किया कि वर्ष 2012 में एक प्रभावशाली व्यक्ति के माध्यम से उनकी बातचीत दाऊद इब्राहिम से कराई गई थी. उन्होंने कहा कि बाद में उनसे कुछ अपेक्षाएं जताई गईं, लेकिन उन्होंने क्रिकेट प्रशासन से दूरी बनाने के अलावा कोई अन्य समझौता नहीं किया.
मोदी के अनुसार, उनके और दाऊद इब्राहिम के बीच किसी प्रकार के विवाद सुलझने की जो बातें सामने आई थीं, उनका संबंध केवल क्रिकेट प्रशासन से उनके अलग होने के फैसले से था.
क्रिकेट में भ्रष्टाचार पर बहस फिर तेज
ललित मोदी के इन बयानों के बाद क्रिकेट में पारदर्शिता, सट्टेबाजी और मैच फिक्सिंग को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है. हालांकि उन्होंने किसी मौजूदा टूर्नामेंट या टीम पर सीधे आरोप नहीं लगाए हैं, लेकिन उनके दावों ने खेल जगत में नई चर्चा को जन्म दे दिया है.
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